जोधपुर

DRDO के पूर्व निदेशक का कमाल, अस्पताल-रेलवे की चादरें महीनों तक नहीं होगी संक्रमित, अनोखा पेंट भी बनाया

फेब्रिक सॉफ्टनर कपड़ों को 99 प्रतिशत बैक्टीरिया से सुरक्षा प्रदान करता है और साथ ही मुलायम स्पर्श व पहनने का आराम भी बनाए रखता है।
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Jul 07, 2025
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एआई तस्वीर

गजेंद्र सिंह दहिया
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (रक्षा प्रयोगशाला) जोधपुर के पूर्व निदेशक डॉ. नरेंद्र कुमार जैन ने नैनो जिंक टेक्नोलॉजी आधारित दो उत्पाद विकसित किए हैं, जो सार्वजनिक जीवन में बहुत काम आएंगे।

पहला फ्रेबिक सॉफ्टनर है, जो कपड़े धोने के बाद कपड़ों को मुलायम करने के काम आता है। इसमें कपड़े डालकर सूखाने पर महीनों तक वे बैक्टिरिया, वायरस और फंगस के संक्रमण से मुक्त रहेंगे।

दूसरा उत्पाद सरफेस कोटिंग यानी पेंट है, जो किसी भी दीवार पर करने से कम से कम पांच साल तक वह संक्रमण मुक्त रहेगी। ये दोनों ही उत्पाद को केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली वूलन रिसर्च एसोसिएशन ने प्रमाणित किया है।

नैनो जिंक टेक्नोलॉजी

दोनों ही उत्पाद नैनो जिंक टेक्नोलॉजी पर आधारित है, जिसमें जिंक को 10 से 20 नैनोमीटर तक बदला। एक नैनोमीटर का अर्थ एक मीटर का एक अरबवां हिस्सा होता है। इन उत्पादों को मरुधरा पेंट्स एण्ड पॉलिमर जोधपुर के साथ तकनीकी सहयोग में विकसित किया गया है, जिससे सतह और वस्त्रों दोनों के लिए संक्रमण-रोधी कार्यक्षमता सुनिश्चित हो सके।

डॉ. नरेंद्र कुमार जैन। फोटो पत्रिका

यह रहेगा उपयोग

फेब्रिक सॉफ्टनर कपड़ों को 99 प्रतिशत बैक्टीरिया से सुरक्षा प्रदान करता है और साथ ही मुलायम स्पर्श व पहनने का आराम भी बनाए रखता है। यह मशीन वॉश, हाथ धोने और स्प्रे जैसे विभिन्न उपयोग प्रारूपों में उपयुक्त है। विशेष रूप से अस्पतालों, रेलवे, स्कूलों और होटलों जैसे उच्च-संपर्क वाले संस्थानों में इसका उपयोग किया जा सकता है।

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नैनो जिंक आधारित सतह कोटिंग्स दीवारों, दरवाजों, फर्नीचर और अन्य संपर्क सतहों को बैक्टीरिया और संक्रमण के प्रसार से बचाने में सहायक सिद्ध हो सकती है। दोनों का एएसटीएम ई-2149:2020 अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप परीक्षण किया हुआ हैं, जो उनकी प्रभावशीलता और वैज्ञानिक प्रमाणिकता को दर्शाता है।

हम ऐसी तकनीक विकसित कर रहे हैं, जो वस्त्र और सतह दोनों पर टिकाऊ सुरक्षा प्रदान कर सकें। देश के संस्थागत स्वच्छता लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए हमने यह उत्पाद विकसित किए हैं।

  • डॉ. नरेंद्र कुमार जैन, पूर्व निदेशक, रक्षा प्रयोगशाला जोधपुर
Updated on:
07 Jul 2025 06:31 am
Published on:
07 Jul 2025 06:31 am