दो साल पहले सरकारी और निजी बैंकों में खोले गए 75,79 लोगों के जनधन खाते में फूटी कौड़ी नहीं है
कांकेर. दो साल पहले सरकारी और निजी बैंकों में खोले गए 75,79 लोगों के जनधन खाते में फूटी कौड़ी नहीं है। जिन गरीबों ने अपने जनधन खाता में पैसा जमा नहीं किया उन्हें आज तक पासबुक भी नहीं मिला। बैंक में लाइन लगाकर जनधन खाता खोलवाने वाले गरीब अब अपने आप को ठगा मान रहे हैं।
सन् 2015 में जीरो बैलेंस पर सभी बैंकों में लाइन लगाकर लाखों लोगों का जनधन योजना के तहत खाता खोला गया था, ताकि शासकीय योजनाओं का उन्हें लाभ मिलेगा। जिले में जनधन योजना के तहत 3 लाख 72 हजार 404 लोगों का विभिन्न बैंकों में खाता खोल दिया गया। जीरो बैलेंस होने के बावजूद गरीबों ने एक रुपए अपने खाता में नहीं डाला तो बैंक ने उन्हें पासबुक भी नहीं दिया। जनधन योजना के तहत 2 लाख 43 हजार 671 लोगों ने अपने खातों में पैसा जमा किया, इसके बाद ही उन्हें रुपे कार्ड जारी किया गया। जबकि दो साल में 75 हजार 799 गरीबों ने जनधन खाता में फूटी कौड़ी नहीं है। पैसा जमा नहीं करने वालों पर बैंक ने सुविधाओं पर बैन लगा दी है। पत्रिका टीम ने शहर के आसपास के गांव बेवरती, पुसवाड़ा, दसपुर, सिंगारभाठ, गढ़पिछवाड़ी, कोंडेजुंगा, गोविंदपुर, नांदनमारा आदि गांवों में जनधन खाता खोलवाले वाले उपभोक्ताओं से बातचीत की तो ग्रामीणों ने बताया सिर्फ गरीबों के नाम ठगने के लिए बैंक में लाइन लगाकर जनधन योजना के तहत खाता खोलवाया गया।
इस बैंक खाता का कोई उपयोग ही नहीं है। प्रमाणपत्र एवं बैंक की दौड़ लगाने तक ग्रामीणों को सैकड़ों रुपए खर्च हो गए और मिला कुछ भी नहीं। जनधन खाता खोलवाले वाले जिन किसानों ने पैसा नहीं जमा किया उनके खाते अब बंद हो सकते हैं। वहीं पासबुक नहीं मिलने पर आक्रोश जताते हुए ग्रामीणों ने कहा कि खाता क्रमांक एक कागज पर लिखकर दिया गया था वह भी किसानों से खो चुके हैं।
किसान बोले-सिर्फ गरीबों को लूटने के लिए खोला खाता
किसान मनेसिंग कावड़े ने बताया कि जनधन योजना किसानों के नाम पर छलावा है। चुनाव से पहले उपभोक्ताओं के बैंक खाता में लाखों रुपए भेजने का लुभावना वायदा किया गया। आम जनता को चुप रहने के लिए गरीबों का बैंकों में जीरो बैलेंस पर खाता खोलवा दिया गया। प्रत्येक उपभोक्ताओं को सैकड़ों रुपए फूंकने के बाद अभी तक कुछ हासिल नहीं हुआ। गरीबों के पास राशन के लिए पैसे नहीं हैं, तो बैंक में कहां से पैसा जमा करेंगे। किसानों के नाम सिर्फ लूट के अलावा किसी प्रकार का काम नहीं हो रहा है। जनधन के लिए लोगों को काफी परेशानी हुई।
जिले में 3.72 लाख लोगों का जनधन योजना के तहत विभिन्न बैंकों में खाता खोला गया है। अभी तक 2 लाख 43 हजार 671 लोगों का रुपे कार्ड जारी किया गया है। अन्य शेष लोगों के खाते में पैसे नहीं शो कर रहे हंै।
एचआर ठाकुर, लीड बैंक प्रबंधक कांकेर