
मां और नवजात की मौत (फोटो सोर्स- iStock)
Mother and Newborn Death Case: कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर से स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां एक आदिवासी प्रसूता और उसके नवजात बच्चे की मौत ने सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में समय पर इलाज और डॉक्टरों की मौजूदगी नहीं मिलने के कारण मां और बच्चे दोनों की जान चली गई। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम चाहचाड निवासी कमलेश कोमरा अपनी गर्भवती पत्नी द्रोपदी कोमरा को प्रसव पीड़ा होने पर 15 मई को भानुप्रतापपुर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती करने के बाद भी महिला की हालत पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। प्रसूता लगातार दर्द से कराहती रही, लेकिन डॉक्टरों की ओर से उचित इलाज नहीं मिला।
परिजनों के अनुसार, 17 मई को अस्पताल स्टाफ ने सोनोग्राफी कराने की सलाह दी। लेकिन अस्पताल की सोनोग्राफी मशीन पिछले एक साल से खराब पड़ी थी। ऐसे में मजबूर पति अपनी गर्भवती पत्नी को बाइक पर बैठाकर निजी अस्पताल ले गया, जहां सोनोग्राफी कराई गई।
रिपोर्ट लेकर वापस अस्पताल पहुंचने के बाद भी महिला को इलाज नहीं मिला। परिजनों का आरोप है कि ऑन-कॉल डॉक्टर को कई बार फोन किया गया, लेकिन डॉक्टर अस्पताल नहीं पहुंचे। इस दौरान महिला की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां देर रात प्रसव कराया गया। लेकिन गर्भ में संक्रमण फैल जाने के कारण नवजात बच्चे ने जन्म के एक घंटे बाद दम तोड़ दिया। वहीं कुछ घंटों बाद प्रसूता द्रोपदी की भी मौत हो गई।
मृतिका की मां ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि वे डॉक्टरों को भगवान मानते थे, लेकिन उनकी बेटी की पीड़ा किसी ने नहीं सुनी। उन्होंने कहा कि अगर समय पर इलाज मिल जाता, तो उनकी बेटी और नवजात आज जिंदा होते।
मृतिका के पति कमलेश ने बताया कि दुर्गुकोंदल में हुई जांच रिपोर्ट सामान्य थी। बेहतर इलाज की उम्मीद में वे भानुप्रतापपुर अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन यहां की लापरवाही ने उनका परिवार उजाड़ दिया।
इधर मामले में BMO डॉ. गोटा का कहना है कि प्रसूता की शुरुआती रिपोर्ट सामान्य थीं और अस्पताल की ओर से बेहतर इलाज देने का प्रयास किया गया। हालांकि घटना के बाद क्षेत्र में लोगों का गुस्सा बढ़ गया है और दोषी डॉक्टरों व कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
Updated on:
22 May 2026 01:51 pm
Published on:
22 May 2026 01:50 pm
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