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Bharat Matiyara Death: राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त भरत मटियारा का निधन, राजनीतिक जगत में शोक की लहर

Bharat Matiyara Death: भरत मटियारा का हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर से भाजपा संगठन और कार्यकर्ताओं में गहरा शोक व्याप्त हो गया है।

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Bharat Matiyara Death

राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त भरत मटियारा का निधन (photo source- Patrika)

Bharat Matiyara Death: राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त एवं मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा का हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से गंभीर रूप से बीमार चल रहे थे और बेहतर इलाज के लिए रायपुर से हैदराबाद रेफर किए गए थे। उनके निधन की खबर मिलते ही भाजपा संगठन और कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई। संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने वाले भरत मटियारा के निधन को पार्टी के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।

Bharat Matiyara Death: लंबी बीमारी के बाद हुआ निधन

जानकारी के अनुसार, भरत मटियारा पिछले लगभग एक महीने से अस्वस्थ चल रहे थे। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें रायपुर में प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन स्थिति गंभीर होने के कारण बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद रेफर किया गया, जहां निजी अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

संगठन में निभाई अहम भूमिका

भरत मटियारा दो बार कांकेर भाजपा जिला अध्यक्ष रह चुके थे। इसके बाद उन्हें मछुआ कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया था। संगठनात्मक स्तर पर उनकी सक्रिय भूमिका और जमीनी पकड़ के लिए उन्हें जाना जाता था। उनके निधन की खबर मिलते ही भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई। कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया और इसे संगठन के लिए बड़ी क्षति बताया।

Bharat Matiyara Death: अंतिम संस्कार की तैयारी

मिली जानकारी के अनुसार, पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार के लिए उनके गृह क्षेत्र लाने की प्रक्रिया की जा रही है। प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर भी अंतिम सम्मान की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

जमीनी नेता के रूप में मिली थी पहचान

राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त एवं मछुआ कल्याण बोर्ड अध्यक्ष भरत मटियारा छत्तीसगढ़ भाजपा संगठन में एक सक्रिय और अनुभवी नेता के रूप में जाने जाते थे। वे लंबे समय से संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहे और दो बार कांकेर भाजपा जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे।

मछुआ समुदाय और ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी, जहां वे लगातार संगठन को मजबूत करने और जनसंपर्क बढ़ाने के लिए सक्रिय रहते थे। पार्टी स्तर पर उन्हें एक जमीनी नेता के रूप में पहचान मिली थी, जिन्होंने संगठन को क्षेत्रीय स्तर पर विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।