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Chhattisgarh Naxal Surrender: छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभाव लगातार कमजोर, कांकेर में 4 और नक्सलियों ने किया सरेंडर

Chhattisgarh Naxal Surrender: माओवादी संगठन को बड़ा झटका देते हुए केंद्रीय समिति के सदस्य और 20 लाख रुपये के इनामी नक्सली पसुनूरी नरहरि ने अपनी पत्नी के साथ तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया।

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Chhattisgarh Naxal Surrender

माओवादी संगठन को बड़ा झटका (photo source- Patrika)

Chhattisgarh Naxal Surrender: छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। कांकेर जिले में 4 इनामी नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। इन सभी नक्सलियों पर कई आपराधिक मामलों में शामिल होने और इनामी राशि घोषित होने की जानकारी सामने आई है। इस सरेंडर को राज्य में नक्सली नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

Chhattisgarh Naxal Surrender: कौन-कौन नक्सली हुए शामिल?

आत्मसमर्पण करने वालों की पहचान काजल उर्फ रजीता वेड़दा, मंजूला उर्फ लक्ष्मी पोटाई, विलास उर्फ चैतु उसेंडी और रामसाय उर्फ लखन मर्रापी के रूप में हुई है। ये सभी लंबे समय से माओवादी संगठन से जुड़े हुए थे और कई नक्सली गतिविधियों में शामिल रहे हैं।

कांकेर में पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण

जानकारी के अनुसार, कांकेर जिले में इन सभी नक्सलियों ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक यह कदम लगातार दबाव और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर लिया गया है।

पुनर्वास नीति के तहत मिली सहायता

आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत तत्काल 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इसके साथ ही उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में 15 नक्सलियों ने भी डाले हथियार

इसी बीच महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में कुल 15 इनामी नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण किया है। गढ़चिरौली जिले में 11 नक्सलियों ने पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला के समक्ष हथियार डाले, जबकि छत्तीसगढ़ के कांकेर में 4 नक्सलियों ने सरेंडर किया। इन सभी पर लाखों रुपये के इनाम घोषित थे और ये कई नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं।

Chhattisgarh Naxal Surrender: पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता

सरेंडर करने वाले सभी नक्सलियों को पुनर्वास योजना के तहत 50-50 हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। अधिकारियों के अनुसार, बड़ी संख्या में नक्सली अब माओवादी विचारधारा से निराश होकर मुख्यधारा में लौट रहे हैं।

लगातार घट रहा नक्सल प्रभाव

आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में पिछले दो वर्षों में 2380 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में 2022 से अब तक 146 कट्टर नक्सली हथियार छोड़ चुके हैं। यह प्रवृत्ति सुरक्षा एजेंसियों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।