इलाज के लिए पहुंची 13 साल की नाबालिग युवती के गुप्तांगों के साथ छेड़छाड़ कर अश्लील हरकत करने वाले डॉक्टर को कोर्ट ने दस साल की सजा सुनाई है।
कांकेर. इलाज के लिए पहुंची 13 साल की नाबालिग युवती के साथ अश्लील हरकत करने वाले डॉक्टर को कोर्ट ने दस साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा कोर्ट ने डॉक्टर पर पांच हजार रुपए का अर्थ दंड भी लगाया है। पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
दरअसल यह घटना पिछले साल (2016) 10 सितंबर कांकेर जिले के पंखाजूर क्षेत्र के ग्राम पीव्ही 31 हरिहरपुर की है। डॉक्टर के पेशे को शर्मिंदा कर देने वाली करतूत तब सामने आई है, जब तबियत खराब होने पर 13 साल की नाबालिग युवती अपनी मां के साथ इलाज के लिए पंखाजूर क्षेत्र के ग्राम पीव्ही 31 हरिहरपुर में डॉ. मनोज मंडल के अस्पताल में पहुंची।
डॉक्टर ने नाबालिग की मां से चेकअप के बाद खून व पेशाब जांच के लिए कहा। जांच कराने के बाद नाबालिग को चक्कर आने लगा, पीडि़ता की मां ने उसे क्लीनिक के बाहर बरामदे में बैठाकर आराम करने बोलकर बर्तन मांजने चली गई, क्योंकि डॉक्टर ने आधा घंटा बाद रिपोर्ट देने की बात कही थी।
लड़की को अकेली देख डॉक्टर की नीयत बिगड़ गई। कुछ देर बाद डाक्टर ने लड़की को डिस्पेंसरी अंदर ले जाकर गुप्तांगों के साथ छेड़छाड़ कर अश्लील हरकत करने लगा। गलत काम का अहसास होने पर नाबालिग वहां से भाग निकली। नाबालिग ने रास्ते में उसकी मां मिलने पर घटना की जानकारी दी। इसके बाद पीडि़ता और उसकी मां ने पुलिस थाना पंखाजूर में 10 सितंबर को ही इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ धारा 376 (2)(झ) भादवि एवं धारा 6, 9, 10 लैंगिक बालको का संरक्षण अधिनियम एवं धारा 3 (1) (ब) एसटी, एसी के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच में लिया। 11 सितंबर को अभियुक्त मनोज को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। विशेष न्यायाधीश नरेन्द्र सिंह चांवला (एट्रोसिटी) ने मामले की सुनवाई करते हुए तमाम सबूतों और बयानों के आधार डॉक्टर को दोषी पाते हुए 10 साल जेल की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया।