
अंतागढ़/भैंसासूर. अंतागढ़ से चारगांव माईस में चलने वाली वाहनो की रफ्तार पर लगाम नहीं लग पा रही है। जिसके चलते क्षेत्र के दर्जन भर से अधिक ग्रामीणों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सडक़ जर्जर होने के कागार पर है, बावजूद इस ओर किसी का भी ध्यान नहीं है।
बता दें कि क्षेत्र के ग्रामीण समय-समय पर विरोध प्रदर्शन कर होने वाली समस्याओं के समाधान के लिए शासन-प्रशासन को अवगत करा कर उसे निराकरण करने की मांग करते हैं, लेकिन वर्तमान में इस मार्ग पर चलने वाले वाहनो के रफ्तार के कारण ग्रामीणों को दुर्घनओं का अंदेशा बना हुआ है। इस मार्ग में ग्राम पंचायत कुहंचे, कोदागांव, कोहकापारा, टेमरुपानी भैंसासुर, सुरेवाही सहित कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के दर्जनो ग्राम पंचायत आते हैं। यहां के ग्रामीण भी इसी मार्ग से आवागमन करते हैं, लेकिन दिन भर में सैकड़ो की संख्या में वाहने चलने के कारण दो पहिया व चार पहिया वाहनों को आवाजाही में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग में चलने वाले ट्रकों की स्पीड इतनी अधिक होती है कि कभी भी दुर्घटना घटित हो सकती है। उन्होने बताया कि आए दिन इस मार्ग में अत्यधिक स्पीड वाहन चलने के कारण दुर्घटना घटित हो चुकी है, जिसके चलते वे कई बाद विरोध प्रदर्शन किए हैं, बावजूद इस पर कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। जिसके चलते वे परेशान है। ग्रामीणों ने पत्रिका से चर्चा करते हुए बताया कि यहां प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना अंतर्गत सडक़ का निर्माण तो कराया गया है, ताकि क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में सुविधाएं हो, लेकिन इसका भरपुर फायदा माईंस में चलने वाले ट्रक उठा रहे हैं।
स्कूली बच्चों को सता रहा डर
तेज रफ्तार और लगातार चलने वाले इन मांइस पर चलने वाले गाडिय़ो के चलते छोटे बच्चे स्कूल जाने से कतराते है। कई छोटे बच्चे तो स्कूल आने जाने के लिए अपने पालकों का सहारा लेते है। इस सबंध में विसम कोमरा ने बताया कि उनकी छोटी पुत्री दिपिका जो प्राथमिक शाला मे पढ़ती है जिसे लाने ले जाने के लिए कोई न कोई रहता है क्योकि सडक़ किनारे स्कूल होने की वजह से बेटी घबराती है। इसी तरह रिंकी पिता विसम गनपत पिता बृजलाल देवेश पिता आयतु गोटा व अन्य इन गाडिय़ो के रफतार के चलते उन्हे स्कुल तक छोडऩा पड़ता है और मन मे हमेशा ही घबराहट रहती है ।
रफ्तार कम करने बैरीकेट भी नहीं
माईस जब चालू किया गया था, तब लोगो की मांग पर माईस प्रबंधन ने स्कूलो और चौक चौराहों में मे बैरीकेट लगाकर स्पीड पर लगाम लगाया था, लेकिन धीरे-धीरे एक-एक कर बैरीकेट गायब होते गए और लगाए गए बैरीकेट से गाड़ी चालक द्वारा हमेशा ही छेड़छाड किया जाता रहा है आज स्थिति यह है कि एक्का दुक्का ही बैरीकेट नजर आते हेै वो भी सडक़ से बाहर वहीं कुछ स्थानो पर स्पीड ब्रेकर है, लेकिन यह स्पीड ब्रेकर गाडिय़ो के स्पीड पर लगाम लगाने के लिए काफी नहीं है, जिसके चलते क्षेत्र के ग्रामीणों ने जल्द से जल्द स्पीड पर लगाम लगाने की मांग की है।