
कांकेर. नेशनल हाइवें 30 में आए दिन दुर्घटनाएं होने खबर मिल रहीं हैं। इसका मुख्य कारण यह भी माना जा रहा है कि ग्राम माहुद से लेकर नाथियानवागांव तक नेशनल हाइवें सड़क में लगी स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी। कुछ स्थानों के विद्युत पोल ही गायब है। इस पर विभाग की नजर नहीं पड़ रही हैं। नए सड़क निर्माण के बाद आज तक इस ओर मरम्मत के लिए पहल नहीं किया गया हैं। इसका खामियाजा आमजन, राहगीरों को भुगतना पड़ रहा हैं।
नेशनल हाइवें 30 में ग्राम मचान्दूर से लेकर ग्राम नाथियानवागांव तक करीब पांच वर्ष पहले बनाए गए डिवाइडर के शुरू होने से पहले स्ट्रीट लाइट लगाई गई थी, जो अब बंद पडे़ हैं। वहीं डिवाइडर में लगाई गई स्ट्रीट लाइट भी आधी-अधूरी जल रही है। बीते कुछ सालों की बात करें तो नगर पंचायत चारामा से गुजरने वाला हर व्यक्ति सुंदरता की तारीफ करतें नही थकता था। ज्ञात हो कि बस्तर के प्रवेश द्वार मचांदुर से लेकर कांकेर के प्रवेश द्वार नाथिया नवागांव तक करीब पांच वर्ष पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग 30 में सड़क चौड़ीकरण किया गया था। मचानदूर, चारामा, जैसाकर्रा व कानापोढ़ तक मार्ग के बीचों-बीच डिवाइडर बनाकर स्टीट लाइट भी लगाई गई थीं।
विभाग के देख-रेख के अभाव अब डिवाइडर भी जर्जर हो चुका हैं। वहीं सिग्नल लाइट बंद बंद पड़ी है,तो कई के पोल गायब हैं। ये लोगों की परेशानी का कारण बन गए हैं।विदित हो कि बस्तर के प्रवेश द्वार मचांदूर से ग्राम नाथियानवागांव तक सड़क निर्माण तो करवाय गया। सड़क निर्माण के बाद एनएचएआई के द्वारा टोल टैक्स नाका भी टेंडर निकाला गया था।
सड़क से गुजरने वाली हर भारी वाहन, चारपहिया वाहनों का टैक्स लिया जाता हैं। करीब चार वर्षो से टैक्स के नाम भी करोड़ रूपए लिया जा चुका हैं,लेकिन सड़क में छोटे-छोटें काम की मरम्मत के लिए विभाग नजर अंदाज कर रही है। इसके चलते मुख्य मार्गो में अब बड़ी दुर्घटनांओं को होना आम बात हो गईं। बंद पड़ी सिग्नल लाइट के कारण कई वाहन डिवाइडर में चढ़ जा रही हैं,जिससे डिवाइडर का सुंदरता अब धीरे-धीरे खत्म होती जा रही हैं।