
कानपुर. लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर राजनीतिक दल पूरी तरह से सक्रिय हो गए हैं और जीत-हार के लिए रणनीति बनाने में जुटे हैं। अपना दल एस की नेता अनुप्रिया पटेल भी अपने दल को विस्तार कर रही हैं और इसी के चलते मुलायम के गढ़ कन्नौज स्थित मेडिकल कॉलेज कॉलेज परिसर में में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इस मौके पर कानपुर मंडल के सभी जिलाध्यक्ष व बूथ स्तर के करीब चार हजार कार्यकर्ता मौजूद रहे। राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य व अजय प्रताप सिंह ने बताया कि पार्टी की बैठक हर माह एक मंडल में आयोजित की जाती है। इस बार कानपुर जोन की बारी थी और इसी के चलते केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने अपने पिता के गृहनगर में कार्यकर्ताओं के साथ सीधे रूबरू हुई। वहीं जानकारों की मानें तो कन्नौज लोकसभा सीट में करीब डेढ़ लाख कुर्मी मतदाता है, जो तीन दशक से समाजवादी पार्टी के साथ खड़े रहे। पर आगामी लोकसभा चुनाव में अनुप्रिया इस सीट से अपने पति आशीष सिंह पटेल को चुनाव के मैदान में उतार सकती हैं। आशीष के चुनाव में आने से अखिलेश की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
नौकरी छोड़ सियासत में आए पटेल
डॉक्टर सोनेलाल पटेल का जन्म कन्नौज जिले के ग्राम बबूलहाई तहसील छिबरामऊ में हुआ था। पिता गोविन्द प्रसाद पटेल व मां रानी देवी पटेल की संतानों में आठ भाइयों में डॉक्टर सोनेलाल पटेल सबसे छोटे थे। शिक्षा पूरी करने के बाद आपने सेना में सेंकेंड लेफ्टीनेंट के पद पर नौकरी ज्वाइन की, लेकिन उनका मन नौकरी में नहीं लगा। सेना की नौकरी छोड़ सियायत में कदम बढ़ा दिए। डॉक्टर पटेल 1987 से लेकर 1996 तक अखिल भारतीय कुर्मी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। इसके बाद 1991से 1998 तक अखिल भारतीय कुर्मी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष व महासचिव दोनो पदों पर थे। 1998 से लेकर 2000 तक अखिल भारतीय कुर्मी महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष की हैसियत से समाज की सेवा की। 1988 में कांशीराम ने इन्हें बसपा में शामिल कर यूपी का महासचिव बनाया। 4 नवम्बर 1995 को लखनऊ के बारादरी के मैदान में कुर्मी स्वाभिमान राजनैतिक चेतना रैली की गयी। इस रैली को प्रदेश के कुर्मी समाज की सबसे बड़ी राजनैतिक रैली कहा जाता है। इसी कुर्मी स्वाभिमान रैली में ‘अपना दल’ नामक राजनैतिक पार्टी के गठन की घोषणा की गई।
बेटी ने संभाली विरासत
डॉक्टर सेनेलाल पटेल का नवाबगंज थाने के पास रोड़ हादसे में निधन हो गया और बड़ी बेटी अनुप्रिया जो उस वक्त पार्टी की महासचिव थी उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। लोकसभा 2014 के चुनाव में अनु्रिपया पटेल भाजपा के साथ चुनाव के मैदान में उतरीं और मिर्जापुर से सांसद चुनी गई। वहीं प्रतापगढ़ से भी अपना दल एस के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। 2017 के विधानसभा चुनाव में अनुप्रिया की पार्टी ने जबरदस्त सफलता हासिल की और योगी सरकार में उनकी पार्टी को भी शामिल किया गया। अनुप्रिया अब अपनी पार्टी का विस्तार कर रही हैं और इसी के चलते उन्होंने अपनी पिता की जन्मभूमि की तरफ कदम बड़ाए हैं। जानकारों का कहना है कि आगामी लोकसभा चुनाव के अपुप्रिया चार से पांच सीटों में अपना दावा भाजपा के सामने कर सकती है। अनुप्रिया पटले फतेहपुर, कन्नौज, प्रतापगढ़ और मिर्जापुर से उम्मीदावार उतार सकती हैं।
दमाद ने ससुर के गांव को लिया गोद
अनुप्रिया पटेल के पति जो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ ही एमएलसी हैं और 2019 का लोकसभा चुनाव वह कन्नौज से लड़ सकते हैं। इसी के चलते उन्होंने अपने ससुर के गांव बबूलहाई को गोद लिया है। आशीष पटेल अपनी विधायक निधि से गांव के बाहर एक बड़ा गेट के साथ ही भव्य स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण करवाएंगे। ससुर की मूर्ति को जयपुर से तैयार करवाया जाएगा और जन्मदिन के अवसर पर गांव के अंदर विराजमान करवाएं। अपना दस एस के राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य अभय प्रताप सिंह कहते हैं कि स्व डॉक्टर सोनेलाल पटेल का जन्मदिन लखनऊ में मनाया जाएगा। वहां उनकी मूर्ति की स्थापना पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष पटेल बबूलहाई गांव में जाकर करेंगे। वहीं सूत्रों की मानें तो भाजपा भी कन्नौज सीट अपना दल एस को दे सकती है और यहां से आशीष पटेल उम्मीदवार हो सकते हैं।
काटें की होगी जंग
एसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव इस बात की घोषणा पहले ही का चुके हैं कि डिम्पल यादव अब चुनाव नहीं लड़ेंगी। इस स्थिति पर अखिलेश यादव का कन्नौज से लोक सभा का चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है। दरसल कन्नौज एसपी का गढ़ है, 2014 के लोकसभा चुनाव में कानपुर बुंदेलखंड की दस सीटो में से बीजेपी ने 9 सीटो पर कब्ज़ा जमाया था, लेकिन कन्नौज की सीट एसपी के हाथ लगी थी। अनुप्रिया पटेल ने पिता की जयंती मानाने के लिए कन्नौज को ही क्यों चुना इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है ओबीसी वोटर और मानसिक रूप से एसपी पर प्रेशर बनाना भी माना जा रहा है। कन्नौज में सबसे ज्यादा करीब दो लाख यादव वोटर है और इसके बाद दूसरे नंबर पर लगभग डेढ़ लाख कुर्मी समाज के लोग हैं। अनुप्रिया पटेल की नजर कुर्मी समाज के वोटरों पर ,इससे यह बात स्पष्ट होती है कि कन्नौज से अनुप्रिया पटेल अपना प्रत्याशी उतारने के मूड में हैं। सूत्रों की मानें तो अनुप्रिया के पति अखिलेश को टक्कर देने के लिए चुनाव के मैदान में उतर सकते हैं।