
कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र स्थित चकरपुर मंडी में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब चबूतरा नंबर-6 पर अचानक भीषण आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते करीब 44 फल और सब्जी की दुकानें जलकर राख हो गईं। आग की ऊंची-ऊंची लपटें कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही थीं, जबकि पूरे इलाके में धुएं का घना गुबार फैल गया। घटना के बाद मंडी में अफरा-तफरी मच गई और व्यापारी अपनी दुकानों से सामान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ते नजर आए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग की शुरुआत चबूतरा नंबर-6 पर स्थित मुन्ना ब्रदर्स की फल आढ़त से हुई। शुरुआत में स्थानीय व्यापारियों और कर्मचारियों ने खुद आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन मंडी में बड़ी संख्या में रखी प्लास्टिक की क्रेट, लकड़ी और अन्य ज्वलनशील सामान के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। कुछ ही देर में आग ने आसपास की दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि आग की लपटें करीब 40 से 50 मीटर तक ऊपर उठ रही थीं, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही सचेंडी पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। इसके बाद शहर के विभिन्न फायर स्टेशनों से दमकल की कई गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। दमकल कर्मियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग इतनी भयावह थी कि आसपास के इलाकों को भी एहतियातन खाली कराया गया, ताकि किसी तरह की जनहानि न हो सके। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
इंस्पेक्टर दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि दमकल विभाग और पुलिस की टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आग को फैलने से रोका। वहीं पुलिस उपायुक्त पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका सामने आई है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच कराई जा रही है।
आग की इस घटना ने व्यापारियों को भारी आर्थिक चोट पहुंचाई है। दुकानों में रखा फल, सब्जियां, फर्नीचर, प्लास्टिक क्रेट और अन्य सामान पूरी तरह जल गया। व्यापारियों का कहना है कि नुकसान लाखों रुपये से कहीं ज्यादा का हुआ है। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। घटना के बाद मंडी के व्यापारियों में दहशत और चिंता का माहौल बना हुआ है।