
कानपुर के गंगा घाटों पर कई दिनों से दहशत का कारण बने जिस मगरमच्छ को वन विभाग की टीम पकड़ नहीं सकी। उसी मगरमच्छ को गंगा के पुत्र कहे जाने वाले मल्लाहों के लड़कों ने पकड़ लिया। फिर एक मंदिर के प्रांगण में लाकर बंद कर दिया। इसकी सूचना आसपास पहुंची तो महिलाएं और बच्चे जलीय जीव की पूजा करने पहुंच गए। इस दौरान वन विभाग और पुलिस को भी इस बात की सूचना दी गई।
तीन दिन पहले दिखा था मगरमच्छ
कानपुर में तीन दिन पहले गंगा नदी के बैराज के घाट के पास मगरमच्छ को देखा गया था। पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। लेकिन सूचना देने के बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंच सका था। ऐसे में कानपुर में प्रतिदिन नहाने वाले हजारों लोगों में दहशत और डर बना हुआ था। मगरमच्छ के डर से लोग नहाने भी नहीं जा रहे थे।
एक कुत्ते को बचाने दौड़ पड़े लड़के
बुधवार 31 जनवरी की दोपहर को कानपुर के अस्पताल घाट के पास रहने वाले निषाद मल्लाह के लड़के रेत में क्रिकेट मैच खेलने गए थे। इसी दौरान मगरमच्छ एक कुत्ते को पानी के अंदर खींचते हुए दिखाई पड़ा। यह देख लड़कों ने रस्सी और जाल डालकर मगरमच्छ को पकड़ लिया।
गंगा जी की सवारी मान महिलाएं करने लगी पूजा
मगरमच्छ को लक्ष्मी जी की सवारी मान कर मंदिर प्रांगण पहुंची महिलाएं उसकी पूजा करने लगी। कानपुर में गंगा के घाटों पर दहशत फैलाने वाला यह मगरमच्छ वन विभाग की टीम के कंट्रोल में आ गया है। वन विभाग इसे कानपुर के चिड़ियाघर भेजने तैयारी में है।