पिछले पांच माह से लोग पेयजल समस्या से जुझ रहे हैं, जनप्रतिनिधियों के अलावा अधिकारियों से शिकायत के बाद भी मर्ज का नहीं हो रहा इलाज, सीएम योगी से लगाई मदद की गुहार।
कानपुर। कोरोना वायरस के बीच शहर के नवाबगंज इलाके की करीब पांच हजार से ज्यादा आबादी पिछले 5 माह से सीवरेज का पानी पीने को मजबूर है। स्थानीय लोगों ने नलों की टोटियों से निकल रहे जहर के बारे में विधायक व यूपी सरकार में मंत्री नीलिमा कटियार, मेयर प्रमिला पांडेय, जिलाधिकारी और जलकल के जीएम को बताने के साथ ही शिकायत भी दर्ज करा चुके हैं, बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। परेशान नागरिकों ने प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से महामारी के दौर में जहर से मुक्ति दिलाए जाने की मांग की है।
टोटियों से निकल रहा सीवरेज
नवाबगंज मोहल्ले में पेयजल की समस्या विकराल रूप धारण किए हुए है। लाॅकडाउन से पहले जनवरी माह में लोगों के घरों के नलों की टोटियों में सीवरेज का पानी आ रहा है। शिकायतों के बाद जब समाधान नहीं हुआ तो लाॅकडाउन से पहले अकेले ब्रम्हपुरी गली के एक दर्जन लोगों ने खुद के पैसे समरसेबुल लगवा लिया। जबकि ऐसे सैकड़ों परिवार हैं जो सुबज के वक्त स्नान के लिए गंगाबैराज जाते हैं। शुद्ध पेयजल के लिए पड़ोसियों की कुंडी खटकाते हैं। स्थानीय लोगों ने ऐलान किया है कि यदि लाॅकडाउन के बाद समस्या का समधान नहीं हुआ तो सीधे सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे और समस्या से उन्हें अवगत करा जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग करेंगे।
पानी से लबालब भरी गली
शुक्रवार की सुबह ब्रम्हपुरी गली लबालब प्रदूषित पानी से भर गई। यही पानी लोगों के घरों में नलों के जरिए जाने लगा। सुनील श्रीवास्तव कहते हैं कि कोरोना वायरस के चलते लाॅकडाउन लगा है। पीने का पानी तो पड़ोसियों के घर से मिल जाता है लेकिन स्नान के साथ अन्य कार्य हम इसी प्रदूषित पानी के जरिए करते हैं। सुनील ने बताया कि इस समस्या के सीधे जिम्मेदार जलकल के अधिकारियों के साथ ही जनप्रतिनिधि हैं। सुनील का आरोप है कि स्थानीय विधायक नीलिमा कटियार को पानी के संकट के विषय में सबकुठ पता है। चुनाव जीतने के बाद वह कभी इलाके में नहीं दिखीं।
आती है दुर्गंध
ब्रम्हपुरी निवासी रामप्रसाद कहते हैं कि पानी का रंग काफी मटमैला है और दुर्गंध भी आ रही है। हमारे बेटे-बहू तो पिछले एक सप्ताह से स्नान ही नहीं किया। क्योंकि लाॅकडाउन के कारण पुलिस गंगागैराज जाने पर रोक लगा दी है। हम पुलिस से छिपकर भैरोघाट जाकर स्नान कर आते हैं। पड़ोसी पवन गुप्ता के घर में लगे समरसेबुल से पीने का पानी लेते हैं। रामप्रसाद कहते हैं कि प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ तो ठीक काम कर रहे हैं। पर भाजपा के जनप्रतिनिधि और अधिकारी उनके जनहितकारी कार्यो पर पानी फेर रहे हैं।
जंजीर बेंचकर लगवाया समरसेबुल
ब्रम्हपुरी लगी निवासी किरण गुप्ता बताती हैं कि वह पति के साथ आरकेस्ट्रा के जरिए परिवार का भरण-पोषण करती हैं। पानी की समस्या के चलते हमनें अपनी और पति की सोने की अंगूठी बेंचकर समरसेबुल लगवाया। किरण ने बताया कि जनवरी में हमने खुद मेयर प्रमिला पांडेय ये प्रदूषित पानी की समस्या से अवगत कराया। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य कानपुर आए तो बेटी के साथ उनके पास शिकायत लेकर गई। लेकिन पुलिसवालों ने मिलने नहीं दिया। इसी के बाद हमने तय कर लिया कि खुद के पैसे से समरसेबुल लगवाएंगे।
अंग्रेजों के जमाने की पाइल लाइन
अनूप बताते हैं कि इलाके में अंग्रेजों के जमाने की जर्जर पाइप है। कुछ जगह प्लास्टिक की पाइप लाइन डाली गई है, जो जगह जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। नाले एवं जलभराव से गुजर रही पाइपलाइन से गंदे पानी की आपूर्ति होती है। दूषित पानी लोगों की सेहत के लिए खतरनाक है। अनूप बताते हैं कि प्रदूषित पानी पीने से कई लोग बीमार पड़ चुके हैं। एक माह पहले बुजुर्ग महिला प्रदूषित पानी पीने से बीमार पड़ गईं अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हमसभी ने जलकल के जेई से शिकायत की। वह मोहल्ले पर आए और रटा-रटाया जवाब, अभी लाॅकडाउन चल है, तब तक ये समस्या बनी रहेगी।
कुछ इसह तरह से बोले जनप्रतिनिधि
स्थानीय विधायक नीलिमा कटियार से इस प्रकरण पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि आप हमारे रावतपुर स्थित कार्यालय जाकर शिकायत दर्ज करवा दें, के बाद फोल काट दिया। मेयर प्रमिला पांडेय से जब इसके बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि मेरे व्हाट्सएप नंबर पर मोहल्ले के नाम पता लिखकर दें। फिर मैं इसके बारे में जलकल के अधिकारियों से बात करूंगी। जबकि यूपी सरकार में मंत्री सुरेंश खन्ना को फोन गलाने पर पेयजल की समस्या से अवगत कराया गया तो उन्होंने कहा कि ये विभाग हमारे पास नहीं है। कृपता आप मंत्री आशुतोष टंडन से बाते करें।
बोले, अफसरान
ममाले पर जिलाधिकारी ब्रम्हा राव देव तिवारी से बात करने की कोशिश की गई तो उनके पीआरओ ने फोन रिसीब किया और साहब मीटिंग में व्यस्थ हैं कहकर फोन काट दिया। जलकल के जीएम से जब प्रदूषित पेयजल के बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा मैं आपको इलाके के जेई का नंबर दे रहा हूं। आप समस्या के बारे में उन्हें जानकारी दे दें। तब जेई से ब्रम्हपुरी गली की समस्या से अवगत कराया गया तो उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले तक तो वहां पानी स्वच्छ आ रहा था। फिर भी मैं लाॅकडाउन हटने के बाद मौके पर आकर निरीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई करूंगा।