
पुलिस ने कालीशंकर हत्याकांड का खुलासा कर दिया (फोटो- पत्रिका)
Kalishankar Murder Case Kanpur: कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के किशनपुर गांव में हुए चर्चित कालीशंकर हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या किसी पुरानी रंजिश, लूटपाट या जमीन विवाद के कारण नहीं, बल्कि आरोपी द्वारा अपनी मां के अपमान का बदला लेने के लिए की गई थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी शुभम को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त फावड़ा बरामद कर लिया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि बीते रात किशनपुर गांव स्थित शिव मंदिर के बाहर कालीशंकर गंभीर हालत में पड़े मिले थे। उनके शरीर से काफी खून बह चुका था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बन गया था। पुलिस ने मामले के खुलासे के लिए चार टीमें गठित कर जांच शुरू की थी। मृतक की बड़ी बेटी निशा की तहरीर पर सूरज, शुभम, सरदार, रविंद्र, रामपाल, गामा और बेचेलाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने सर्विलांस, मुखबिर तंत्र और पूछताछ के आधार पर मुख्य आरोपी शुभम को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी शुभम ने बताया कि कालीशंकर गांव की महिलाओं पर गलत नजर रखता था। उसकी मां के साथ भी वह अभद्र व्यवहार करता था और अक्सर घूरता रहता था। आरोपी के अनुसार, 1 जून को कालीशंकर अश्लील गाने बजा रहा था, जिसका उसने विरोध किया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया।
आरोप है कि विवाद के दौरान कालीशंकर ने उसकी मां और पिता को लेकर गंदी-गंदी गालियां दी थीं। इस घटना के बाद ही शुभम ने कालीशंकर की हत्या करने की ठान ली थी। पूछताछ में उसने बताया कि उसने गुस्से में कालीशंकर को तीन-चार दिन के भीतर जान से मारने की धमकी भी दी थी।
पुलिस के मुताबिक, 3 जून की रात शुभम फावड़ा लेकर घर से निकला और मौके की तलाश में छिपकर बैठ गया। रात करीब नौ बजे कालीशंकर जब घर से निकलकर शिव मंदिर की ओर पहुंचे तो शुभम भी पीछे-पीछे वहां पहुंच गया। मंदिर परिसर के आसपास सन्नाटा देखकर उसने पीछे से हमला कर दिया।
पहले वार में कालीशंकर गंभीर रूप से घायल हो गए और जान बचाने के लिए भागने लगे, लेकिन आरोपी ने उनकी गर्दन पर फावड़े से जोरदार हमला कर दिया। गर्दन पर गहरा घाव लगने से उनकी श्वास नली कट गई और वह मंदिर के बाहर ही गिर पड़े। अत्यधिक खून बहने से उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी गांव से करीब 50 मीटर दूर गंगा किनारे फावड़ा छिपाकर फरार हो गया था।
मृतक की पत्नी किसाना के मुताबिक, उनकी देवरानी रामदुलारी जब मंदिर पहुंचीं तो कालीशंकर को खून से लथपथ हालत में पड़ा देखा। यह दृश्य देखते ही गांव में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को कांशीराम अस्पताल भेजा, जहां से हालत गंभीर होने पर हैलट अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
वही पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त फावड़ा बरामद कर लिया है। मुकदमे में नामजद अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। डीसीपी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
05 Jun 2026 09:48 pm
Published on:
05 Jun 2026 09:10 pm
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