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IIT Kanpur की नई पहल: फ्रेशर्स की हर परेशानी सुनेंगे, ‘अम्मा’ और ‘बापू’

IIT Campus: आईआईटी कानपुर ने नए छात्रों के लिए 'अम्मा-बापू' मेंटरशिप सिस्टम शुरू किया है। इसके तहत प्रत्येक फ्रेशर को सीनियर छात्र-छात्रा का मार्गदर्शन मिलेगा। पढ़ाई, हॉस्टल, कैंपस जीवन और व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान के साथ उन्हें संस्थान की सुविधाओं की भी जानकारी दी जाएगी।
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कानपुर

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Avanish Kumar

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Updated: 24 Jul 2026, 7:00 PM IST

Kanpur News

सांकेतिक फोटो

Amma Bapu System:भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए एक अनूठी पहल शुरू की गई है। संस्थान ने नए छात्र-छात्राओं को शुरुआती दिनों में होने वाली दिक्कतों से उबारने के लिए 'अम्मा-बापू' मेंटरशिप सिस्टम लागू किया है। इसके तहत प्रत्येक नए छात्र को एक सीनियर छात्र (बापू) और एक सीनियर छात्रा (अम्मा) का मार्गदर्शन मिलेगा। इसका उद्देश्य नए विद्यार्थियों को शैक्षणिक, मानसिक और सामाजिक रूप से सहज वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे बिना किसी दबाव के संस्थान के माहौल में खुद को ढाल सकें।

नए छात्रों की हर समस्या का होगा समाधान

आईआईटी कानपुर परिसर में नए छात्र-छात्राएं पहुंच चुके हैं और उन्हें हॉस्टल भी आवंटित कर दिए गए हैं। संस्थान की ओर से आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम में छात्रों को बताया गया कि यदि उन्हें पढ़ाई, हॉस्टल, कैंपस जीवन या किसी अन्य प्रकार की परेशानी होती है तो वे सबसे पहले अपने 'अम्मा' और 'बापू' से संपर्क करेंगे। दोनों सीनियर छात्रों की जिम्मेदारी होगी कि वे नए विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनें और उनका समाधान कराने में सहयोग करें। संस्थान का मानना है कि नए छात्र अक्सर शुरुआती दिनों में झिझक महसूस करते हैं। ऐसे में सीनियर छात्रों के मार्गदर्शन से उन्हें मानसिक संबल मिलेगा और वे आसानी से संस्थान के माहौल में घुल-मिल सकेंगे।

पढ़ाई से लेकर कैंपस लाइफ तक मिलेगा मार्गदर्शन

'अम्मा-बापू' केवल व्यक्तिगत समस्याओं तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि छात्रों को शैक्षणिक गतिविधियों, लैब, प्रोजेक्ट, क्लब, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य कैंपस सुविधाओं की जानकारी भी देंगे। यदि किसी छात्र को अकादमिक विषयों में कठिनाई होती है तो सीनियर छात्र आवश्यक होने पर कोचिंग और मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराएंगे।ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान नए विद्यार्थियों को विभिन्न विभागों, हेल्थ सेंटर, लाइब्रेरी, खेल सुविधाओं और संस्थान की अन्य व्यवस्थाओं से भी परिचित कराया गया।

अभिभावकों को भी दी गई संस्थान की जानकारी

आईआईटी कानपुर ने केवल नए छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि उनके अभिभावकों के लिए भी अलग ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किया। इसमें उन्हें संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, छात्र कल्याण सेवाओं, सुरक्षा व्यवस्था और उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने अभिभावकों को आश्वस्त किया कि छात्रों पर अनावश्यक दबाव न डालें और किसी भी समस्या की स्थिति में संस्थान से तत्काल संपर्क करें।

संस्थान के निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने नए छात्रों का स्वागत करते हुए उन्हें संस्थान की शैक्षणिक संस्कृति और अवसरों से अवगत कराया। वहीं, हेड ऑफ क्लिनिकल सर्विसेज डॉ. आलोक वाजपेयी ने छात्रों और अभिभावकों से संवाद कर मानसिक स्वास्थ्य और सहायता सेवाओं की जानकारी साझा की।

नए माहौल में आत्मविश्वास बढ़ाने की पहल

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी प्रतिष्ठित संस्थान में प्रवेश के बाद शुरुआती समय छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में 'अम्मा-बापू' जैसी मेंटरशिप व्यवस्था न केवल उनकी झिझक दूर करेगी, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई और कैंपस जीवन में आगे बढ़ने का अवसर भी देगी। यही कारण है कि आईआईटी कानपुर की यह पहल नए छात्रों को सुरक्षित, सहयोगी और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।