पीड़िता का कहना है कि 9 जुलाई 2026 को विवाद के दौरान संचालिका ने उन पर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। हालांकि, उसी समय केंद्र में मौजूद अन्य आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर उन्हें बचा लिया। मुन्नी देवी का आरोप है कि संचालिका के पति नरेश कुरील और पुत्र आलोक भी उन्हें प्रताड़ित करने में सहयोग करते रहे और कई बार उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।