कानपुर में बने हथियार सेना की ताकत कहलाते हैं। यहां पर बने हथियार भारत के दुश्मनों को धूल चटाते हैं। इसी कड़ी में भारत की प्रसिद्ध पिनाका मिसाइल (Pinaka Missile) की ताकत को कानपुर ने एक और धार दी है। शारंग और धनुष के बाद कानपुर ऑर्डिनेंस डेवलपमेंट सेंटर (ओएफसी) ने पिनाका मिसाइल का एडवांस रूप तैयार किया है।
कानपुर. कानपुर में बने हथियार सेना की ताकत कहलाते हैं। यहां पर बने हथियार भारत के दुश्मनों को धूल चटाते हैं। इसी कड़ी में भारत की प्रसिद्ध पिनाका मिसाइल (Pinaka Missile) की ताकत को कानपुर ने एक और धार दी है। शारंग और धनुष के बाद कानपुर ऑर्डिनेंस डेवलपमेंट सेंटर (ओएफसी) ने पिनाका मिसाइल का एडवांस रूप तैयार किया है। नई पिनाका मिसाइल गाइडेड है यानी कि इसे लक्ष्य पर निशाना साधकर दागा जा सकेगा। ओएफसी के महाप्रबंधक एएन श्रीवास्तव और फील्ड गन फैक्टरी के महाप्रबंधक गिरीश चंद्र अग्निहोत्री ने यह जानकारी दी।
कहीं भी साधा जा सकता है निशाना
देश की पहली स्वदेशी पिनाका के बाद कानपुर ने पिनाका-2 को लॉन्च किया है। यह एक गाइडेड मिसाइल है जो कि मुश्किल लक्ष्य को तबाह करने में सक्ष्म है। इस मिसाइल से बंकर, बड़े तोप या कहीं पर भी निशाना फीड किया जा सकता है। खास बात यह है कि इसकी दिशा में दागने के बाद भी बदलाव किए जा सकेंगे। मिसाइल का सबसे संवेदनशील पार्ट स्टेबलाइजर 12 दिन में फाइनल कर दिया जाएगा।
जल्द शुरू होगा धनुष का बल्क प्रोडक्शन
गुरुवार को अर्मापुर में आयुध प्रदर्शनी के उद्घाटन के बाद ओएफसी के जीएम एएन श्रीवास्तव ने कहा कि धनुष और शारंग को पूरी तरह कानपुर सेंटर ने विकसित किया है। पिछले साल 10 शारंग की डिलीवरी की गई थी। इस साल अभी तक 21 की डिलीवरी की जा चुकी है और 14 लाइन में है। वहीं मिसाइल धनुष को तकनीकी समस्याओं के कारण डिलीवर नहीं किया जा सका था। इसे दूर कर दिया गया है। जल्द इसका भी बल्क प्रोडक्शन शुरू होगा।