शहर में सड़कों पर कूड़े के ढेर लगे हैं और डंपिंग ग्राउंड में कूड़े के पहाड़ लग गए हैं. शहर में हर तरफ गंदगी और कूड़े के कारण शहर की सूरत बिगड़ती जा रही है. ऐसा इसलिए भी है क्योंकि एटूजेड कंपनी के बाद आईएलएंडएफएस को 2 साल कार्य करते हुए बीत गए, लेकिन कंपनी के पास अभी तक बिजली कनेक्शन ही नहीं है.
कानपुर। शहर में सड़कों पर कूड़े के ढेर लगे हैं और डंपिंग ग्राउंड में कूड़े के पहाड़ लग गए हैं. शहर में हर तरफ गंदगी और कूड़े के कारण शहर की सूरत बिगड़ती जा रही है. ऐसा इसलिए भी है क्योंकि एटूजेड कंपनी के बाद आईएलएंडएफएस को 2 साल कार्य करते हुए बीत गए, लेकिन कंपनी के पास अभी तक बिजली कनेक्शन ही नहीं है. इससे कूड़े का निस्तारण नहीं हो पा रहा है. हाल ही में नगर आयुक्त ने निरीक्षण कर चेतावनी भी दी थी, लेकिन एक हफ्ते बाद भी कंपनी ने अभी तक केस्को में कनेक्शन के लिए अप्लाई तक नहीं किया है. वहीं नगर निगम शासन को कूड़ा निस्तारण की फर्जी रिपोर्ट भेज चुका है जिस पर फटकार भी लग चुकी है.
ऐसी मिली है जानकारी
कूड़ा निस्तारण पूरी क्षमता से न होने के चलते पनकी भौसिंह स्थित डंपिंग ग्राउंड में 2.5 लाख टन से ज्यादा कूड़ा डंप पड़ा है. हालात यह हो गए हैं कि हाई-वे तक कूड़ा डंप किया जा रहा है. बता दें कि शहर में रोजाना 1300 टन तक कूड़ा निकलता है, लेकिन डंपिंग ग्राउंड में ने तो कूड़ा का निस्तारण हो रहा है और न ही कंपोस्टिंग की जा रही है. कंपनी जेनरेटर से नाम मात्र कूड़ा ही निस्तारित कर रही है.
भेजी गई झूठी रिपोर्ट
नगर निगम पिछले 8 साल से उ.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, लखनऊ को कूड़ा निस्तारण की झूठी रिपोर्ट भेज रहा था. यूपीपीसीबी से अभी तक एनओसी तक नहीं ली गई है. दावों के मुताबिक आईएलएंडएफएस कंपनी कूड़े का निस्तारण कर रही है, जबकि इस संबंध में कई बार प्रदूषण बोर्ड के स्थानीय अधिकारियों ने नगर निगम के झूठ का स्थलीय निरीक्षण कर पर्दाफाश कर चुके हैं.
ऐसा बोले अधिकारी
इस बारे में केस्को दादानगर डिवीजन के एक्सईएन केके गौतम कहते हैं कि अभी तक आईएलएंडएफएस के किसी भी अधिकारी की ओर से बिजली कनेक्शन के लिए अप्लाई नहीं किया है और न ही संपर्क किया गया है.