कानपुर

जीएसटी टीमों की छापेमारी, करोड़ों रुपए का टैक्स एेसे हो रहा था चोरी, हुआ बड़ा खुलासा

जीएसटी टीमों की छापेमारी से इंडस्ट्रियल एरिया में मचा हड़कंप, ये हुआ खुलासा
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Updated: 10 Feb 2018, 1:36 PM IST
kanpur dehat
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कानपुर देहात. कानपुर देहात के रनिया इंडस्ट्रीयल इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जीएसटी की 13 टीमों ने मंटोरा ग्रुप की सभी फैक्ट्रियों पर अचानक छापा मार दिया। बताते चले कि जनपद कानपुर देहात में मंटोरा ग्रुप की 3 फैक्ट्रियां है। जब जीएसटी की टीम ने छापेमारी की तो तीनों यूनिट के दस्तावेज जीएसटी अधिकारियों ने चेक किये। ये वही मंटोरा ग्रुप है, जो मुख्य रूप से घी ,तेल, बावर्ची वनस्पति के नाम से बनाती है। जो लगभग पूरे प्रदेश में घी वनस्पति सप्लाई करते है। इधर जीएसटी की टीम को लगातार जानकारी मिल रही थी कि मंटोरा ग्रुप (बावर्ची वनस्पति) परिवहन में हेरा फेरी कर करोड़ों रुपये का टैक्स चोरी कर रहा है। कहने का मतलब एक बिल पर ही मंटोरा द्वारा कई गाड़ियां लोड करके भेज दी जाती थी। इस तरह टैक्स में चोरी करके मंटोरा सरकार को लंबी चपत लगा रही थी।

मतलब पुराने बिल को दोबारा मंगाकर फिर उसी बिल पर दूसरी लोड गाड़ी भेज दी जाती थी। इस तरह मंटोरा द्वारा करोड़ों रुपये का चूना सरकार को लगाया जा रहा था। मंटोरा का यह खेल लंबे अरसे से चल रहा था। जिसकी सूचना जीएसटी टीम को मिल रही थी। ज्वाइंट कमिश्नर सुशील कुमार सिंह ने बताया कि इनके कानपुर नगर स्थित हेड आफिस पर भी छापेमारी की गई है। जहां जीएसटी अधिकारी दस्तावेजों की जांच कर रहे है। बताया गया कि शुरुआती पड़ताल में परिवहन के माध्यम से टैक्स चोरी सामने आई है। अभी जांच चल रही है। आगे जांच में जो खुलासा सामने आएगा, वो बताया जाएगा। गौरतलब है कि मंटोरा ग्रुप की सभी यूनिटों पर जीएसटी की टीमें जांच पड़ताल करती रही, लेकिन इस दौरान मंटोरा ग्रुप के चेयरमैन जगदीश गुप्ता नजर नहीं आये। इस बात को लेकर मंटोरा कंपनी पर और सवालिया निशान खड़े हो गए है।

वहीं मंटोरा के मैनेजर दिलीप मिश्रा ने छापेमारी को रुटीन की छापेमारी बताते हुए जीएसटी टीम के सभी आरोपों को नकारते हुए कम्पनी में किसी प्रकार का बिलिंग के नाम पर फर्जीवाड़े को साफ नकार दिया। वहीं ग्रुप में किसी भी प्रकार के टैक्स चोरी को भी सिरे से नकार दिया।

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