कानपुराइट्स को फिलहाल झूलते, लटकते जर्जर तारों और उनके अक्सर टूटने की वजह से होने वाले बिजली संकट से छुटकारा नहीं मिलना वाला है. कंपनी ने जर्जर तार बदलने से हाथ खड़े कर दिए हैं, जबकि केस्को ने कंडक्टर आदि सामान मंगा लिया है.
कानपुर। कानपुराइट्स को फिलहाल झूलते, लटकते जर्जर तारों और उनके अक्सर टूटने की वजह से होने वाले बिजली संकट से छुटकारा नहीं मिलना वाला है. कंपनी ने जर्जर तार बदलने से हाथ खड़े कर दिए हैं, जबकि केस्को ने कंडक्टर आदि सामान मंगा लिया है. इससे केस्को को भी जोर का झटका लगा है. अब नई कम्पनी तलाशने में जुट गया है.
ये है इसके पीछे की बड़ी वजह
शहर में केस्को का पॉवर सप्लाई नेटवर्क 3200 किलोमीटर से अधिक फैला हुआ है. इसमें 388 किलोमीटर से अधिक 33 हजार किलोवोल्ट की लाइन है. इसके अलावा एक हजार किलोमीटर की 11 केवी व 6.6 केवी की लाइन है. लगभग 1800 किलोमीटर एलटी लाइन फैली हुई है. शहर में पॉवर क्राइसिस की एक बड़ी वजह जर्जर लाइनें हैं. जो कि हर रोज कई स्थानों पर टूट जाती हैं. इसकी वजह से लोगों को पॉवर क्राइसिस से जूझना पड़ता है. हाईटेंशन लाइन टूटने पर एक साथ हजारों लोगों को बिजली संकट से जूझना पड़ता है. यह ब्रेकडाउन बनाने में भी केस्को को घंटों लगते हैं.
केस्को को मिला झटका
केस्को ऑफिसर की ओर से अक्टूबर, 2018 तक जर्जर तारों से कानपुराइट्स को काफी हद तक छुटकारा मिल जाने का दावा कर रहे थे. डेडलाइन को पूरा होने में एक महीने का भी समय नहीं बचा है. और अब तक जर्जर तार बदलने का काम तक शुरू नहीं हुआ है. जानकारों के मुताबिक केस्को ऑफिसर्स ने इंटीग्र्रेटेड पॉवर डेवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस) के अंतर्गत जर्जर हाईटेंशन व लो टेंशन लाइनों को बदलने की तैयारी की थी. इसके लिए 960 किलोमीटर 33 केवी कंडक्टर के अलावा एबी केबल भी मंगा ली है. पर आईपीडीएस प्रोजेक्ट में लगी कम्पनी ने जर्जर तारों को बदलने से ही हाथ खड़े कर दिए हैं. इससे केस्को को जोर का झटका लगा है. अब केस्को ऑफिसर तार बदलने के लिए दूसरी कम्पनियों को तलाशने में लगे हुए हैं. जिससे जल्द से जल्द इस समस्या का हल किया जा सके, लेकिन फिलहाल उन्हें कामयाबी मिलती नहीं नजर आ रही है.
ऐसा कहते हैं अधिकारी
केस्को ऑफिसर सीएसबी अंबेडकर कहते हैं कि जर्जर तारों को जल्द से जल्द बदलने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं. जल्द ही टेंडर प्रॉसेज कर काम शुरू कराया जाएगा. शहरवासियों 24 घंटे बिजली देने के लिए केस्को की ओर से हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं.