कानपुर

कानपुर में बदलती शिक्षा की तस्वीर, 20 लाख की लागत से सजा नया ‘स्टडी हब’, बैठने की क्षमता दोगुनी

Kanpur District Library: कानपुर में जिलाधिकारी की पहल से जिला पुस्तकालय का 20 लाख रुपये की सीएसआर फंड से आधुनिकीकरण किया गया। आधुनिक सुविधाओं, बढ़ी बैठने की क्षमता और 67 हजार से अधिक पुस्तकों के साथ यह अब प्रतियोगी छात्रों के लिए प्रमुख अध्ययन केंद्र बन गया है।
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Updated: 22 Apr 2026, 5:39 PM IST
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लाइब्रेरी में छात्र-छात्राओं के साथ जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह

कानपुर में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की पहल से राजकीय जिला पुस्तकालय का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड से लगभग 20 लाख रुपये की लागत से किए गए आधुनिकीकरण ने इसे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक आधुनिक अध्ययन केंद्र में बदल दिया है। अब यहां बेहतर सुविधाएं, शांत वातावरण और विस्तृत अध्ययन व्यवस्था उपलब्ध है, जिससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई का अवसर मिल रहा है।

डीएम की पहल से हुआ बड़ा बदलाव

जिलाधिकारी ने पुस्तकालय का निरीक्षण कर छात्रों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं तथा जरूरतों की जानकारी ली। उन्होंने पढ़ाई के माहौल और सुविधाओं पर फीडबैक लिया। छात्रों ने बेहतर व्यवस्था पर संतोष जताया। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुस्तकालय को और अधिक आधुनिक और उपयोगी बनाया जाए ताकि युवाओं को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके और वे प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हुआ पुस्तकालय

सीएसआर फंड से पुस्तकालय में कुर्सी-मेज, आरओ पेयजल, स्वच्छ शौचालय, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और समृद्ध पुस्तक संग्रह जैसी सुविधाओं को विकसित किया गया है। पहले जहां 60 से 70 छात्र बैठ पाते थे, अब लगभग 120 छात्रों के बैठने की व्यवस्था हो गई है। इससे अधिक छात्र एक साथ शांत वातावरण में पढ़ाई कर पा रहे हैं, जिससे उनकी तैयारी में सुधार देखने को मिल रहा है।

प्रतियोगी छात्रों के लिए बना प्रमुख केंद्र

पुस्तकालय प्रभारी प्रशांत कुमार द्विवेदी के अनुसार, यहां प्रतिदिन लगभग 50 छात्र अध्ययन कर रहे हैं। पुस्तकालय में 67 हजार से अधिक पुस्तकें उपलब्ध हैं, जिनमें साहित्य, विज्ञान, गणित, इतिहास, संस्कृति और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी किताबें शामिल हैं। इसके अलावा सभी प्रमुख समाचार पत्र और पत्रिकाएं भी नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे छात्रों को विविध ज्ञान प्राप्त हो रहा है।

इंटरनेट और डिजिटल सुविधाओं से लैस

पुस्तकालय में इंटरनेट सुविधा, इनवर्टर और अन्य आवश्यक डिजिटल व्यवस्थाएं भी उपलब्ध हैं। यह सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहता है और मात्र 500 रुपये में तीन वर्ष की सदस्यता दी जाती है। शांत, स्वच्छ और अनुशासित वातावरण इसे छात्रों के लिए एक आदर्श अध्ययन स्थल बनाता है। जिलाधिकारी ने आगे और विकास के निर्देश दिए हैं ताकि इसे और अधिक उपयोगी बनाया जा सके।

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22 Apr 2026, 5:39 PM IST
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