Fake Robbery Story: कानपुर में एक किशोर द्वारा बताई गई लूट की घटना पुलिस जांच में झूठी निकली। बाइक से टकराने पर रुपये गिरने के बाद उसने डांट से बचने के लिए कहानी गढ़ी। सच्चाई सामने आने पर परिवार ने माफी मांगी।
कानपुर के कलक्टरगंज क्षेत्र में हुई लूट की एक सनसनीखेज घटना फर्जी निकली, जब पुलिस की जांच ने पूरे मामले की परतें खोल दीं। पहले जहां तमंचा दिखाकर 45 हजार रुपये लूटने की कहानी ने हड़कंप मचा दिया था, वहीं सच्चाई सामने आने पर यह मामला एक किशोर की घबराहट और डांट से बचने की कोशिश बनकर रह गया। हालांकि की परिजनों के माफी मांगने पर पुलिस ने बिना कोई वैधानिक कार्रवाई करते हुए किशोर को रिहा कर दिया।
पुलिस के अनुसार, सुतरखाना निवासी एक व्यापारी का 15 वर्षीय बेटा शनिवार रात दुकान से 45 हजार रुपये लेकर बाइक से घर लौट रहा था। किशोर ने दावा किया कि सीपीसी माल गोदाम के पास नकाबपोश बदमाशों ने वैन से उतरकर उसे तमंचा दिखाया और रुपये लूट लिए। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और आसपास के CCTV कैमरों की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को कोई संदिग्ध वैन या बदमाश नजर नहीं आए। फुटेज में किशोर को कोपरगंज क्षेत्र से रात 11:23 बजे गुजरते और करीब सात मिनट बाद घर पहुंचते देखा गया। इससे पुलिस को कहानी पर शक हुआ और मामला गहराई से खंगाला गया।
पुलिस की सख्ती से की गई पूछताछ के बाद किशोर ने आखिरकार पूरी सच्चाई उजागर कर दी। उसने बताया कि रास्ते में उसकी बाइक किसी अन्य वाहन से टकरा गई थी, जिसके कारण उसके पास रखे रुपये कहीं गिर गए। रुपये खो जाने के बाद वह घबरा गया और घरवालों की डांट से बचने के लिए उसने लूट की झूठी कहानी बना ली। शुरुआत में उसने खुद को पीड़ित दिखाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की गहन जांच और सवालों के सामने उसकी कहानी टिक नहीं सकी। सच्चाई सामने आने के बाद परिजनों ने भी राहत की सांस ली और किशोर की गलती को स्वीकार किया। उन्होंने पुलिस के समक्ष माफीनामा सौंपते हुए आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी हरकत दोबारा नहीं होगी और वे बच्चे को सही मार्गदर्शन देंगे।
सहायक पुलिस आयुक्त आशुतोष सिंह ने बताया कि कलक्टरगंज क्षेत्र में लूट की सूचना पूरी तरह असत्य पाई गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी घटना की सही जानकारी दें, ताकि पुलिस संसाधनों का दुरुपयोग न हो और वास्तविक मामलों पर समय से कार्रवाई हो सके।