Gas Agency Action:कानपुर में डीएम ने गैस एजेंसियों की लापरवाही पर सख्ती दिखाते हुए तीन दिन में बैकलॉग खत्म करने का आदेश दिया। दो एजेंसियों पर जुर्माना लगा, सुधार न होने पर एफआईआर की चेतावनी दी गई, निगरानी व्यवस्था भी मजबूत की गई।
कानपुर में गैस सिलेंडर आपूर्ति को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने साफ कहा कि उपभोक्ताओं को परेशान करने वाली लापरवाही किसी भी हालत में स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने एजेंसियों को चेतावनी दी कि यदि समय पर गैस आपूर्ति नहीं सुधरी तो कड़ी कार्रवाई तय है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह है कि हर उपभोक्ता को समय पर गैस सिलेंडर मिले और उन्हें अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। इसके लिए निगरानी व्यवस्था भी मजबूत की जा रही है।
समीक्षा बैठक में सामने आया कि कई गैस एजेंसियों पर हजारों सिलेंडरों का बैकलॉग जमा हो गया है। सुभिता गैस एजेंसी पर 2102, भागवत गैस एजेंसी पर 3588 और मीरा गैस एजेंसी पर 2097 सिलेंडर लंबित पाए गए। इस स्थिति पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए सभी एजेंसियों को तीन दिन के भीतर लंबित आपूर्ति पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि होम डिलीवरी बढ़ाई जाए और हर उपभोक्ता तक 2 से 3 दिन में गैस पहुंचनी चाहिए। तय समयसीमा में सुधार नहीं होने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए दो गैस एजेंसियों पर कुल 11.18 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। भागवत गैस एजेंसी पर 4.68 लाख रुपये और सुभिता गैस एजेंसी पर 6.50 लाख रुपये का दंड लगाया गया। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि एजेंसियां अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं लाती हैं तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। यह कदम अन्य एजेंसियों के लिए भी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है ताकि वे समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करें और उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना न करना पड़े।
उपभोक्ताओं की समस्याओं को देखते हुए प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू की है। अब हर गैस एजेंसी पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक एक जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद रहेगा, जो शिकायतें दर्ज करेगा और उनका तुरंत समाधान सुनिश्चित करेगा। सभी शिकायतों को रजिस्टर में दर्ज कर पूर्ति निरीक्षक को देना अनिवार्य होगा। इससे शिकायतों की निगरानी बेहतर तरीके से हो सकेगी और उपभोक्ताओं को जल्दी राहत मिलेगी। यह व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ाने और जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि गैस सिलेंडर वितरण पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध होना चाहिए। सभी एजेंसियों को रोजाना का बैकलॉग तैयार कर जिला पूर्ति अधिकारी को देना होगा, जिससे निगरानी मजबूत हो सके। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और हर उपभोक्ता को समय पर सेवा मिले। इसके लिए नियमित समीक्षा भी की जाएगी और जरूरत पड़ने पर और सख्त कदम उठाए जाएंगे।