
Gaurav Tiwari Murder Case कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में करीब नौ महीने पहले पेड़ से लटके मिले युवक की मौत के मामले में पुलिस ने चौथे और आखिरी आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। बिठूर के तिवारीपुर गांव निवासी 28 वर्षीय गौरव तिवारी उर्फ मनीष की मौत के मामले में परिजनों ने गांव के ही चार युवकों पर मारपीट के बाद हत्या कर शव पेड़ से लटकाने का आरोप लगाया था। पुलिस पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। रविवार को मुखबिर की सूचना पर चौथे आरोपी सुमित शुक्ला को भी दबोच लिया गया।
बिठूर के तिवारीपुर गांव निवासी गौरव तिवारी उर्फ मनीष का शव एक दिसंबर 2025 को सचेंडी के रैकेपुर क्षेत्र में रिंग रोड किनारे एक पेड़ पर लटका मिला था। शव मिलने की सूचना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की थी। घटना के बाद गौरव के स्वजन ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या का आरोप लगाया था।
गौरव के भाई सौरभ ने पुलिस को तहरीर देकर गांव के रोहित शुक्ला, विजय शुक्ला, टोनी तिवारी और सुमित शुक्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि चारों युवकों ने गौरव के साथ मारपीट की और उसकी हत्या करने के बाद शव को पेड़ पर लटका दिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोपों की जांच शुरू की।
जांच के दौरान सचेंडी पुलिस ने नामजद आरोपियों में रोहित शुक्ला, विजय शुक्ला और टोनी तिवारी को गिरफ्तार कर लिया था। तीनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। हालांकि, चौथा आरोपी सुमित शुक्ला पुलिस की पकड़ से बाहर था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी।
रविवार को पुलिस को मुखबिर से सुमित शुक्ला के बारे में सटीक सूचना मिली। जानकारी मिली कि वह चौबेपुर के गौरैया गांव में अपने बहनोई के घर छिपकर रह रहा है। सूचना मिलते ही सचेंडी पुलिस ने बताए गए स्थान पर दबिश दी और सुमित को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
सचेंडी थाना प्रभारी दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि गौरव तिवारी की हत्या के मामले में तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। रविवार को चौथे और आखिरी आरोपी सुमित शुक्ला को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले में नामजद चारों आरोपी अब गिरफ्तार हो चुके हैं।