Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव 2024 में कानपुर लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी रमेश अवस्थी ने विरोध के बीच शनिवार को कलेक्ट्रेट में नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ पहुंचे भाजपा विधायक सुरेंद्र मैथानी को पुलिस ने बाहर ही रोक लिया।
UP Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव 2024 में कानपुर लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी रमेश अवस्थी का पार्टी में ही विरोध हो रहा है। इसी विरोध के चलते नामांकन से पहले भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक प्रकाश शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM MODI), भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) को पत्र भेजा था। इसी बीच शनिवार को भाजपा प्रत्याशी रमेश अवस्थी ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ पहुंचे बीजेपी विधायक सुरेंद्र मैथानी समेत तमाम कार्यकर्ताओं को पुलिस ने अंदर जाने से रोक दिया। इसपर भाजपाइयों की पुलिस से तीखी झड़प हो गई।
दरअसल, कलेक्ट्रेट में नामांकन के दौरान प्रत्याशी समेत सिर्फ पांच लोगों को नामांकन रूम तक जाने की अनुमति मिली थी, लेकिन भाजपा प्रत्याशी रमेश अवस्थी के साथ बीजेपी विधायक सुरेंद्र मैथानी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान लोकसभा प्रत्याशी रमेश अवस्थी के साथ भी तमाम कार्यकर्ता नामांकन रूम के अंदर जाने लगे।
इसपर पुलिस ने भाजपा विधायक सुरेंद्र मैथानी समेत अन्य कार्यकर्ताओं को मुख्य गेट पर ही रोक लिया। इसपर भाजपाई पुलिस से भिड़ गए। काफी जद्दोजहद के बीच पुलिस ने विधायक सुरेंद्र मैथानी को अंदर जाने की अनुमति दे दी, लेकिन कुछ ही देर बाद नामांकन रूम से उन्हें बाहर कर दिया गया।
कानपुर लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी रमेश अवस्थी का विरोध उनकी ही पार्टी के कार्यकर्ता कर रहे हैं। इसके चलते पिछले दिनों भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक प्रकाश शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM MODI), भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) को पत्र भेजा था।
इसमें उन्होंने लिखा "भाजपा (BJP) का सक्रिय कार्यकर्ता होने के नाते चर्चा करना चाहता हूं। जिस प्रकार से कानपुर लोकसभा सीट पर प्रत्याशी को थोपा गया है, वह अचंभित और हतप्रभ कर देने वाला है। पार्टी, विचार, परिवार तो छोड़िए पूरा नगर स्तब्ध है। उनकी पार्टी में किसी भी स्तर पर कानपुर या और कहीं भी उनके किसी भी प्रकार का योगदान की जानकारी मेरे पास क्या किसी के पास नहीं है।"
प्रकाश शर्मा ने पत्र में आगे लिखा है "वह (रमेश अवस्थी) कब कैसे पार्टी के कार्यकर्ता बने, पार्टी के लिए उनका क्या योगदान है, इसकी जानकारी शायद ही कानपुर (KANPUR) में कोई बता पाए। इससे कार्यकर्ताओं और समर्थकों में घोर निराशा है। चुनाव रणभूमि में जहां प्रत्याशी चुनाव प्रचार में आगे बढ़ चुके हैं। हम अभी परिचय में ही फंसे हुए हैं। ये भी लिखा है कि कार्यकर्ताओं के मन की बात को आपतक पहुंचाने का बीड़ा मैंने उठाया है। मुझे कार्यकर्ताओं ने ये भी कहा कि मैं भी चुप रहूं, हानि हो सकती है। लेकिन मुझे लगता है कि व्यक्तिगत हानि उठाकर भी सही बात आप तक पहुंचाना, मेरा दायित्व और कतर्व्य दोनों हैं।"
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक प्रकाश शर्मा ने अपने पत्र में लिखा है कि पार्टी में दबी जुबान से कई नेता भी इसे मान रहे हैं कि इस बार भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को नहीं मिल रहा है। यही कारण है कि पार्टी ने अभी तक कोई बड़ी रैली या सभा तक भी नहीं की है। भाजपा अभी तक छोटी-छोटी बैठकें ही कर रही हैं। इसमें ज्यादातर सम्मेलन ही हो रहे हैं।
पार्टी के तमाम नेता भी इस बात कह रहे हैं कि प्रत्याशी का कोई जनाधार नहीं है, भाजपा की तरफ से कोई भी लड़ जाएगा, जीत उसकी सुनिश्चित है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक पार्टी के कई बड़े नेताओं की नाराजगी टिकट घोषित होने के साथ ही नजर आने लगी थी। नाराजगी दूर करने का जिम्मा संगठन ने संभालते हुए शहर के सभी सीनियर नेताओं के साथ प्रत्याशी रमेश अवस्थी को मिलवाया। इसमें विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, सांसद सत्यदेव पचौरी, महापौर प्रमिला पांडेय और तमाम पुराने बड़े व सीनियर नेता शामिल थे।