कानपुर

पुलिस अैर कांग्रेसियों के बीच भिड़ंत, पूर्व सांसद राजाराम पाल गिरफ्तार

ट्रेन रोकने के लिए रेलवे ट्रैक पर लेटे कांग्रेसी, पुलिस ने लाठी भांजकर खदेड़ा, दर्जनों कार्यकर्ताओं को अरेस्ट कर पुलिस लाइन भेजा
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Updated: 10 Sep 2018, 3:46 PM IST
markets were shut congress arrest before stopping the train in kanpur
कानपुर में पुलिस ने किया लाठीचार्ज, दर्जनों कांग्रेसी कार्यकर्ता लहूलुहान

कानपुर। कांग्रेस सहित विपक्षियों ने दलों ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस में हो रही बढ़ोतरी के खिलाफ सोमवार को भारत बंद का आवह्न किया था। जिसके तहत कानपुर में सुबह से सभी राजनीतिक दलों के नेता सड़क पर उतर आए और लोगों से दुकानें बंद करने की अपील करने लगे। पूर्व सांसद राजाराम पाल अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ कल्याणपुर रेलवे क्रासिंग पहुंचे। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ट्रेन को रोकने के लिए ट्रैक पर लेट गए। मौके पर मौजूद पुलिस ने विरोध किया तो कांग्रेसी भड़क गए और मारपीट पर उतारू हो गए। पुलिस ने कांग्रेसियों को रोकने का प्रयास किया तो वो उनके साथ हाथापाई करने लगे। पुलिस ने लाठीचार्ज कर किसी तरह उन्हें खदेड़ा तो कुछ को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की कार्रवाई से पूर्व सांसद भड़क गए, जिन्हें एसपी पच्छिच संजीव सुमन ने गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेज दिया।

ट्रेन रोकने के लिए ट्रैक पर लेटे कांग्रेसी
कांग्रेस के साथ ही विपक्षी दलों के भारत बंद का उत्तर प्रदेश के औधोगिक शहर कानपुर में भी असर दिखा। सुबह से अधिकतर बड़ी बाजार बंद थे। दुकानों के बाहर शटर पड़े मिले तो इंड्रस्ट्री इलाकों में फैक्ट्रियों की चिनमियों से धुंआ नहीं निकला। कांग्रेस, सपा, बसपा के अलावा लेफ्ट के सभी बड़े नेता सुबह से सड़कों और बाजारों में दिखे। जो दुकानें खुली मिलीं उन्हें हाथ जोड़कर बंद करवाया। जबकि शहर के सभी इलाकों में पुलिस, पीएसी और अर्धसैनिक बल के जवान चप्पे-चप्पे पर नजर आए। साथ ही डीएम विजय विश्वास पंत, एसएसपी अनंत देव पुलिस फोर्स के सुबह से सड़क पर मौजूद हैं और नेताओं की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं। इसी बीच कल्याणपुर में दुकान बंद करवाने को लेकर कांग्रेसियों ने दुकानदारों को पीट दिया। जिसके चलते पुलिस को लाठीचार्ज करने के साथ पूर्व सांसद राजाराम पाल सहित दर्जनों कांग्रेसियों को गिरफ्तार करना पड़ा।

पुलिस ने बेवहज की लाठीचार्ज
पूर्व सांसद राजाराम पाल ने बताया कि हमलोग बंद को लेकर सड़क पर थे। स्थानीय लोगों ने बिना कहे सभी दुकानें और प्रतिष्ठान बंद किए हुए थे। कांग्रेसी पीएम मोदी और सीएम योगी के झूठ का पदाफार्स जनता से कर रहे थे। इसी से खफा होकर पुलिस ने दबंगई दिखाई और बेकसूर कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। जब हमने विरोध किया तो पुलिस ने हमारे साथ अभद्रता की और जबरन गाड़ी पर बैठा कर पुलिस लाइन भेज दिया। इतना ही नहीं पुलिस ने शहर के तमाम बड़े नेताओं को अरेस्ट किया है। जिन्हें गोपनीय जगह रखा गया है। नगर अध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री ने कहा कि पुलिस ने सीएम योगी आदित्यनाथ के इशारे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पीटा है। कांग्रेस कार्यकर्ता शासन-प्रशासन की ईंट से ईंट बजा देगा।

निकाला बाइक जुलूस
कांग्रेस कमेटी के महानगर अध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री की अगुवाई में कांग्रेसी बाइकों से जुलूस की शक्ल में बाजार बंद कराने निकले। उनके साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल भी थे। कांग्रेसी वाहनों से नवीन मार्केट, साइकिल मार्केट, शिवाला, बिरहाना रोड, नयागंज बाजार पहुंचे और दुकानदारों से भारत बंद को सफल बनाने के लिए दुकानें बंद करने की अपील की। बंदी का असर शिवाला और बिरहाना रोड पर पूरी तरह दिखाई दे रहा है। बिरहाना रोड में ज्वैलर्स की लगभग सभी दुकानें बंद हैं। वहीं कुछ स्थानों पर दुकानदारों ने कांग्रेसियों के कहने पर तो दुकानें बंद कर दीं पर उनके जाने के कुछ देर बाद फिर खोल लीं। हालांकि कांग्रेसी इसी तरह अन्य बाजारों को बंद कराने में लगे हुए हैं।

यह संगठन भी सड़क पर उतरे
कांग्रेस के भारत बंद के समर्थन में ज्यादातर थोक बाजारों ने सोमवार को दोपहर दो बजे तक बंदी की घोषणा की है। ट्रांसपोर्टरों ने भी समर्थन दिया है। यूपी मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के महामंत्री मनीष कटारिया ने बताया कि दोपहर दो बजे तक लोडिंग-अनलोडिंग का काम नहीं होगा। इसके अलावा कई अन्य संगठनों ने कांग्रेस के साथ कदम से कदम मिलाकर बंद के समर्थन में उतरे। दादानगर, पनकी इंड्रस्ट्री इलाके में छोटी और बड़ी फैक्ट्रियों में तालेबंदी रही। बंद के बाद सैकड़ों मजदूर कांग्रेस के साथ सड़क पर दिखे। लाठीचार्ज पर राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि हम इसकी घोर निंदा करते हैं। मोदी और योगी सरकार संविधान के विपरीत हिटलशाही के तौर पर काम रही है। हम इस मुद्दे को राज्यसभा में उठाएंगे।

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