कानपुर

देवरिया कांड पर सपा प्रदेश अध्यक्ष ने बोला हमला, सीएम योगी आदित्यनाथ को दे देना चाहिए इस्तीफा

सपा प्रदेश ने कहा कि योगी राज में आधीआबादी असुरक्षित, मंत्री, पुलिस, प्रशासन के चलते यूपी बदहाल, समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर संसद तक करेगी आंदोलन

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Aug 07, 2018
Naresh Uttam asked for cm and departmental ministers should resign
देवरिया कांड पर सपा प्रदेश अध्यक्ष ने बोला हमला, सीएम योगी आदित्यनाथ को दे देना चाहिए इस्तीफा

कानपुर। देवरिया प्रकरण पर विरोधी दलों ने योगी सरकार पर तीखा हमला किया है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने इस मामले पर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरी तरह से फेल साबित हुए हैं। एक साल के कार्यकाल के दौरान यूपी में कानून व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ का नारा दे रहे हैं, वहीं उन्हीं की पार्टी की सरकार के दौरान आधीआबादी अपने आपको असुरक्षित मान रही है। सपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले के निकट महिला सरंक्षण के नाम पर जबरन देह व्यापार होना दुर्भाग्यपूर्ण है और इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीत जांच होनी चाहिए। हमारी मांग है कि रिटायर्ड जज के जरिए पूरे प्रकरण की जांच करवाई जाए।

विपक्ष ने बोला तीखा हमला
बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर हाउस में रेप की घटना के बाद यूपी के देवरिया स्थित मां विंध्यवासिनी बालिका संरक्षण गृह में बच्चियों से यौन उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद शासन से लेकर जिला प्रशासन तक हड़कंप मचा हुआ है। रविवार शाम शेल्टर हाउस से भागकर एक 10 साल की मासूम ने पूरे राज का पर्दाफाश किया, जिसके बाद पीड़ितों ने जो बताया वह रौंगटे खड़े करने वाला था। मामले की खबर से सरकार हिल गई तो वहीं विपक्षियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्नाथ से इस्तीफे की मांग कर दी। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने कहा कि बारिश से पूरा यूपी बेहाल है। अपराध अपने चरम पर है। पुलिस अपराधियों के बजाए बेगुनाहों को कपड़ कर जेल में ठूंस रही है। घर से बहन, बेटियां निकलनें में डर रही हैं। अब शेल्टर हाउस की घटना ने सरकार को पूरी तरह से बुनकाब कर दिया है। यदि मुख्यमंत्री के पास थोड़ी से नैतिकता बची हो तो उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

बीजपी के राज में जंगलराज
नरेश उत्तम ने आरोप लगाते हुए कहा कि यूपी में महिलाओं की सर्वाधिक दुर्दशा और उत्पीडऩ हो रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार की घटना से सबक लेते हुए तुरंत अलर्ट होना चाहिए था लेकिन, योगी सरकार सोती रही। इतना ही नहीं नरेश उत्तम ने यहां तक कह दिया कि जिन-जिन प्रदेशों में बीजपी की सरकार हैं, वहां थोड़ा नहीं बल्कि पूरा जंगलराज है। कानून व्यवस्था की तरह ही महिला सुरक्षा व सम्मान भी योगी सरकार की प्राथमिकता में शामिल नहीं है। हमारी मांग है कि पूरे प्रकरण की जांच रिटायर्ड जज व सीबीआई से कराई जाए। यदि ऐसा नहीं होता तो समाजवादी लोग महिलाओं की सुरक्षा के लिए सड़क से लेकर ससंद तक लड़ेंगे। नरेश उत्तम ने कहा कि जब सूबा संभल नहीं रहा तो मुख्यमंत्री जी क्यों कुर्सी पर बैठे हैं। उन्हें कुर्सी छोड़ कर पूजा-पाठ करना चाहिए। सरकार चलाना अब उनके बस में नहीं रहा।

शर्म और चिंता का विषय
नरेश उत्तम ने आरोप लगाया कि मुजफ्फरपुर शेल्टर हाउस के बाद देवरिया के नारी संरक्षण गृह में रहने वाली महिलाओं से जबरन देह व्यापार कराने जैसा घिनौना कांड पूरे देश के लिए शर्म व अति चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि सरकारी संरक्षण मिले बगैर ऐसा अन्याय व घोर पाप संभव नहीं है। सरकार ऐसे मामलों में कठोरतम कार्रवाई करने के बजाए लीपापोती कर रही है। कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले के निकट महिला सरंक्षण की आड़ में जबरन देह व्यापार जैसे घटिया कार्य होना दुर्भाग्यपूर्ण है। जिस संस्था का लाइसेंस रद हो चुका हो वहां बालिकाओं को आखिर किसके इशारे पर रखा जा रहा था? उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी या राजनीतिक व्यक्ति, जिसके संरक्षण में यह घिनौना कार्य हो रहा था उनको कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। कहा कि एनजीओ द्वारा संचालित नारी संरक्षण गृहों की सीबीआई जांच कराएं ताकि समाजसेवा की आड़ में घिनौने कृत्य न हो सकें।

सड़क से संसद तक करेंगे जंग
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई कर बड़े लोगों को बचा रही है। यदि पूरे प्रकरण की निष्यपक्ष जांच नहीं हुई तो सपाई सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन करेंगे। नरेश उत्तम ने बताया कि महिलाएं, छात्र, किसान, मजदूर और आमशहरी परेशान हैं। वहीं मुख्यमंत्री व उनके मंत्री के अलावा सरकारी बाबू कागजों में समस्याओं की निस्ताकरण वाहवाही लूट रहे हैं। नरेश उत्तम ने बताया कि मेरे गृहनंगर कानपुर की करीब सत्तर फीसदी आबादी बाढ़ के पानी से धिरी हे। खुद हमारे घर के बाहर लबालब पानी भरा हुआ है। नगर निगम ने नालों की साफ सफाई के नाम पर करोड़ों रूपए डकार गए, बावजूद न सरकार जागी व न ही उनके जन्रपतिनिधि।

Published on:
07 Aug 2018 02:03 pm