
13 दिन में सवालों के घेरे में आया कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे। फोटो सोर्स-Ai
Kanpur Lucknow Expressway Toll Suspended: उद्घाटन के महज 13 दिनों के भीतर 63 किलोमीटर लंबे कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर कई गंभीर तकनीकी खामियां सामने आने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली को अगले आदेश तक रोक दिया है। साथ ही ठेकेदार, स्वतंत्र इंजीनियर, संबंधित अधिकारियों और परियोजना से जुड़े अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
NHAI के अनुसार, 26 जुलाई को उन्नाव के कोरारी क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के लगभग 64वें किलोमीटर पर करीब 300 मीटर लंबे हिस्से में सड़क की सतह खिसकने (Slippage) की समस्या सामने आई। यह एक्सप्रेसवे 13 जुलाई को शुरू किया गया था। घटना के बाद इसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद एक्सप्रेसवे की निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे। फिलहाल प्रभावित हिस्से पर यातायात डायवर्ट किया गया है।
NHAI ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी तकनीकी खामियों को पूरी तरह ठीक नहीं कर दिया जाता, तब तक इस एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली नहीं की जाएगी। प्राधिकरण का कहना है कि मरम्मत कार्य का पूरा खर्च संबंधित ठेकेदार वहन करेगा और इसका कोई वित्तीय भार एनएचएआई पर नहीं आएगा। साथ ही टोल बंद रहने से होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई भी ठेकेदार से ही की जाएगी।
NHAI ने परियोजना का निर्माण करने वाली कंपनी PNC Infratech Ltd को 'नॉन-परफॉर्मर' घोषित करने के लिए नोटिस जारी किया है। यदि यह प्रक्रिया पूरी होती है तो कंपनी भविष्य में NHAI की परियोजनाओं की निविदाओं में भाग लेने के लिए अयोग्य हो सकती है। इसके अलावा कंपनी के हाईवे प्रमुख और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ प्रदर्शन सुरक्षा (Performance Security) की 2 प्रतिशत राशि तक जुर्माना लगाने तथा तीन वर्ष तक डिबार करने की कार्रवाई के लिए भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
घटना की तकनीकी जांच के लिए NHAI ने IIT खड़गपुर के विशेषज्ञों की एक समिति गठित की है। समिति पूरे मामले की जांच कर यह पता लगाएगी कि सड़क की सतह में आई समस्या के पीछे तकनीकी कारण क्या रहे।
NHAI ने निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर, स्वतंत्र इंजीनियर की टीम लीडर और रेजिडेंट इंजीनियर को परियोजना से हटा दिया है। इन अधिकारियों को अगले दो वर्षों तक किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में भाग लेने से भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। परियोजना के स्वतंत्र इंजीनियर Theme Engineering Services Pvt Ltd को भी डिबार करने का नोटिस जारी किया गया है।
NHAI ने पूर्व परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया के खिलाफ आरोपपत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है। आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान परियोजना का बड़ा हिस्सा तैयार हुआ था। वर्तमान परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा पर भी परियोजना में कथित लापरवाही का आरोप लगाया गया है। उन्हें उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया है।
NHAI के क्षेत्रीय अधिकारी एवं मुख्य महाप्रबंधक गौतम विशाल चरण पहाड़ी ने कहा कि 26 जुलाई को सड़क की सतह खिसकने की जानकारी मिलते ही मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया था। प्रभावित हिस्से का विस्तृत तकनीकी आकलन कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में यातायात डायवर्ट किया गया है, जबकि एक्सप्रेसवे के अन्य हिस्सों पर आवागमन सामान्य रूप से जारी है।
छह लेन वाला यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और औद्योगिक शहर कानपुर के बीच यात्रा समय को लगभग 90 मिनट से घटाकर करीब 40 मिनट करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना माना जा रहा है।
एक्सप्रेसवे के क्षतिग्रस्त हिस्से के वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने भी निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए परियोजना की गुणवत्ता पर टिप्पणी की।
Updated on:
06 Aug 2026 12:52 pm
Published on:
06 Aug 2026 12:51 pm
