इस चूक के बाद चौकी प्रभारी समेत दो दरोगाओं को निलंबित कर दिया गया, जबकि पनकी और सचेंडी थाना प्रभारियों की भूमिका की विभागीय जांच कराई जा रही है। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज, सीडीआर, फोरेंसिक रिपोर्ट, अस्पताल के रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों को जोड़कर देवेश शुक्ला के आखिरी 15 घंटे की पूरी टाइमलाइन तैयार करने में जुटी है। यही टाइमलाइन तय करेगी कि यह मामला हादसे का था, हत्या का या फिर किसी गहरी साजिश का।