तालाब की दलदली जमीन होने के बावजूद उस पर सिंहपुर सबस्टेशन तान दिया गया है. जमीन की मिट्टी की टेस्टिंग तक नहीं कराई गई. ऐसे में बिना किसी ड्राइंग के राख से भराई कर यहां सबस्टेशन बना दिया गया है.
कानपुर। तालाब की दलदली जमीन होने के बावजूद उस पर सिंहपुर सबस्टेशन तान दिया गया है. जमीन की मिट्टी की टेस्टिंग तक नहीं कराई गई. ऐसे में बिना किसी ड्राइंग के राख से भराई कर यहां सबस्टेशन बना दिया गया है. इसके बनने के तीन साल के अंदर ही जब सबस्टेशन धंस गया, तो लापरवाही की पर्तें एक-एक कर खुलने लगी हैं.
ऐसी मिली है जानकारी
कल्याणपुर-बिठूर व मैनावती मार्ग के आसपास के क्षेत्र में पॉवर सप्लाई के लिए सिंहपुर तिराहा पर केस्को ने दो साल पहले 5 करोड़ से अधिक खर्च कर सबस्टेशन तान दिया. पॉवर ट्रांसफॉर्मर ब्रेकर लगा दिए, लेकिन ऑफिसर्स ने इसकी ज़रा भी परवाह नहीं की कि तालाब के रूप में नजर आने वाली इस जमीन पर कितने समय तक सबस्टेशन टिक सकेगा.
ऐसा कहना क्षेत्रीय लोगों का
क्षेत्रीय लोगों की मानें तो सबस्टेशन के लिए चिन्हित की गई जमीन कल्याणपुर-बिठूर से रोड तीन मीटर नीची और दलदली थी. यहां ज्यादातर यहां पानी भरा रहता था. इसके बावजूद इसके मिट्टी परीक्षण नहीं कराया गया. ताकि यह पता चल सके कि किस तरह सबस्टेशन का निर्माण किया जाए.
ऐसी आ गई नौबत
2016 में सबस्टेशन भी चालू कर दिया गया. इस लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि वर्ष 2018 की शुरुआत में ही दीवारों पर दरारें आनी शुरू हो गईं, जो कि कुछ महीनों में बड़ी-बड़ी दरारों में बदल गई और फर्श धंसने लगी. पॉवर सप्लाई सिस्टम पर खतरा मंडराने लगा. इस बीच सबस्टेशन के कर्मचारी ने इसकी सूचना केस्को ऑफिसर्स को दी तब कहीं जाकर नींद टूटी. आनन-फानन में खतरनाक हो चुके सबस्टेशन को बंद कर चुके पावर सप्लाई दयानंद विहार, बिठूर से जोड़ी गई.
कहीं इसमें कोई खेल तो नहीं
मामले की जांच शुरू करा दी गई है. सबस्टेशन बनाने वाले ठेकेदार के खिलाफ बिठूर थाने में एफआईआर दर्ज कराने के साथ उसे ब्लैक लिस्ट भी कर दिया गया है. हालांकि सबस्टेशन के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर नजर रखने और रिपोर्ट देने वाले इंजीनियर्स पर कार्रवाई न होने से केस्को ऑफिसर्स पर सवाल उठ रहे हैं. केस्को ऑफिसर्स मामले की जांच के लिए यूपीपीसीएल से मदद लिए जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं. केस्को ऑफिसर सीएसबी अम्बेडकर ने एकतरफा कार्रवाई से इंकार किया. उन्होंने कहा कि जांच में पाए जाने पर इम्प्लाइज के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.