Over 1,000 Bangladeshis identified, कानपुर में बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया गया। जिसके अंतर्गत 1000 लोगों की पहचान की गई। जिनसे मिले पते का भी सत्यापन कराया गया। अब चार टीमें गठित की गई हैं।
Over 1,000 Bangladeshis identified, कानपुर में बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया गया। जिसके अंतर्गत पांच थाना क्षेत्रों में स्थित टेनरी में काम करने, कूड़ा बीनने वालों की पहचान की गई। कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने बताया कि इसमें करीब 1000 लोगों की सूची बनाई गई। जिनके बताए गए पते का सत्यापन कराया गया। जिसमें 90 प्रतिशत निवासियों के बताए गए पते सही पाए गए। सौ अन्य की पहचान के लिए टीम बनाई गई है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उनके रुकने के लिए विशेष आश्रय बनाने को कहा गया था। इस संबंध में बताया गया कि बांग्लादेशी नागरिकों को चिन्हित करने के लिए कानपुर में पहले से ही एलआईयू और स्थानीय थाना पुलिस की टीम लगातार काम कर रही है। महत्वपूर्ण थानों में जाजमऊ, रायपुरवा, बाबूपुरवा, रेल बाजार, बेगमगंज थाना क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया गया। यहां पर अधिकांश बांग्लादेशी कचरा और कूड़ा बीनने का काम करते हैं। वे टेनरी में भी काम कर रहे हैं।
कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने ऐसे करीब 1000 लोगों की लिस्ट बनाई थी। जिनके प्रपत्र जमा कराए गए थे। चिन्हित किए गए बांग्लादेशियों ने अपने मूल निवास का एड्रेस बताया था। उन स्थानों से भी सत्यापन कराया गया है। 90 प्रतिशत लोगों की जानकारी आई है कि वह लोग वहीं के निवासी हैं। करीब 100 लोगों के विषय में यह जानकारी दी गई है कि वह बांग्लादेश के रहने वाले नहीं हैं। जिनका रहना वहां नहीं पाया गया।
इस संबंध में पुलिस कमिश्नर की तरफ से चार टीमें गठित की गई थीं। जिनके विषय में संबंधित राज्य और जिले से जानकारी प्राप्त की जा रही है। इनमें असम के परपेटा और झारखंड के पाकू जिले के रहने वाले ज्यादातर लोग हैं। कई स्थान और भी हैं जहां टीम को जांच के लिए भेजा गया है। टीम के साथ एलआईयू और लोकल की पुलिस भी शामिल है। फिजिकल वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद आगे का कदम उठाया जाएगा।