दीपावली नजदीक है. एक के बाद एक त्‍योहारों का लाइन लगी हुई है. ऐसे में हर कोई जोर शोर के साथ त्‍योहारों की तैयारियों में जुटा हुआ है. घर की साफ-सफाई से लेकर रंग रोगन कराने तक लोगों में उत्साह दिख रहा है, लेकिन इस उत्साह के बीच बरती गई जरा सी लापरवाही आपकी खुशियों को काफूर कर सकती है.
कानपुर। दीपावली नजदीक है. एक के बाद एक त्योहारों का लाइन लगी हुई है. ऐसे में हर कोई जोर शोर के साथ त्योहारों की तैयारियों में जुटा हुआ है. घर की साफ-सफाई से लेकर रंग रोगन कराने तक लोगों में उत्साह दिख रहा है, लेकिन इस उत्साह के बीच बरती गई जरा सी लापरवाही आपकी खुशियों को काफूर कर सकती है. इसके पीछे कारण है कि क्योंकि कहीं आप खुद ही शातिर चोरों को घर की सफाई की जिम्मेदारी न सौंप दें. इस वजह से घर में कोई भी काम कराने के लिए किसी अनजान शख्स को लाने से पहले उसका पुलिस वेरीफिकेशन जरूर करा लें. शहर की लेबर मंडियों में ऐसे गिरोह की सक्रियता को देखते हुए पुलिस ने अलर्ट जारी किया है. पुलिस के अनुसार सावधानी बरत कर ही किसी अप्रिय घटना से बचा जा सकता है.
ऐसी मिली है जानकारी
पुलिस के अनुसार त्योहार नजदीक आते ही बिहार, बंगाल जैसे प्रदेशों से शातिर बदमाश मजदूर के वेश में शहरों में पनाह लेते हैं. लेबर मंडियों में आम लेबरों में शामिल होकर शिकार खोजते हैं. ये शातिर शिकार को फंसाने में माहिर होते हैं. मंडी के प्रतियोगिता का फायदा उठा कर ये शातिर लेबर रेट से भी कम पर काम करने को तैयार हो जाते हैं. ऐसे में लोग उनकी साजिश का जल्द ही शिकार बन जाते हैं. दो-चार दिनों तक वही लेबर घर में काम करते हुए अच्छी तरह से रेकी करता है और बाद में मौका लगते ही साथियों के साथ वारदात को अंजाम देता है.
ऐसे मिल जाता है रेकी का मौका
एसपी साउथ रवीना त्यागी के अनुसार घरों में चोरी, डकैती, लूट जैसी घटनाओं में अपराधियों की ओर से पहले से ही घर की रेकी किए जाने की बात सामने आ चुकी है. रेकी इतनी सटीक होती है कि अपराध करने वाले अपराधी को घर के एक-एक कोने से लेकर कमरों में रखे सामान तक की जानकारी होती है. इससे ये बात साबित हो जाती है कि लोग अनजाने में खुद ही बदमाशों को अपने घर के अंदर लाकर रेकी करने का मौका दे देते हैं.
चुनाव करते समय ऐसे बरतनी होगी सावधानी
सबसे पहले तो लेबर हमेशा ऐसा चुनें जो आपके किसी मिलने वाले का परिचित हो. इसके बाद किसी भी अनजान लेबर को घर के अंदर ले जाने से बचें. मजबूरी वश अगर किसी अनजान लेबर को घर लाना भी पड़े तो उसकी हरकतों पर बारीकी से नजर रखें. यदि काम ज्यादा दिन का हो तो घर ले जाने से पहले उसका पुलिस वैरीफिकेशन करा लें. इतना ही नहीं, जहां तक संभव हो मजदूर लोकल क्षेत्र का ही लाने का प्रयास करें. लेबर मंडी में लेबर चुनते वक्त उससे अच्छी तरह से बातचीत कर उससे संबंधित जानकारियां जुटाने का प्रयास करें. संभव हो तो किसी ठेकेदार के माध्यम से ही लेबर को घर के अंदर लाएं.
लेबरों की लिस्ट होगी तैयार
एसपी साउथ के अनुसार ऐसी घटनाओं से बचने के लिए श्रम विभाग को मंडी के मजदूरों की सूची तैयार करनी चाहिए. रजिस्ट्रेशन के नाम पर अगर उन्हें कोई क्रमांक नंबर दे दिया जाए तो उस लेबर से संबंधित जानकारी उनके पास उपलब्ध रह सकती हैं. यह लिस्ट संबंधित थानों में भी भेजनी चाहिए, जिससे पुलिस को वैरीफिकेशन में आसानी हो सके. एसपी साउथ के अनुसार फिलहाल पुलिस अपने स्तर से क्षेत्र की मंडी के लेबरों की सूची तैयार करवाएगी.