ट्रेनों में सफर के दौरान मुसीबत में फंसे यात्रियों को अब 24 घंटे राहत देने के लिए आरपीएफ मुस्तैद रहेगी. इसके लिए एनसीआर जोन के आरपीएफ आईजी ने एक सेंट्रलाइज्ड पोर्टल तैयार किया है.
कानपुर। ट्रेनों में सफर के दौरान मुसीबत में फंसे यात्रियों को अब 24 घंटे राहत देने के लिए आरपीएफ मुस्तैद रहेगी. इसके लिए एनसीआर जोन के आरपीएफ आईजी ने एक सेंट्रलाइज्ड पोर्टल तैयार किया है. इसमें जोन के सभी आरपीएफ थानों के कमांडेंट को जोड़ा जाएगा. आरपीएफ आईजी एसके सिंह ने बताया कि इससे ट्रेनों में होने वाले अपराध पर भी शिकंजा कसा जा सकता है. इसके साथ ही यात्रियों को काफी राहत मिलेगी.
कंट्रोल रूम से मिलेगी मदद
आरपीएफ अधिकारियों के मुताबिक सेंट्रलाइज्ड पोर्टल को रेलवे कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा. ट्रेन में सफर के दौरान पैसेंजर के साथ कोई घटना होती है तो पैसेंजर तक आरपीएफ की मदद पहुंचाने के लिए एक मैसेज डाला जाएगा, जो सेंट्रलाइज्ड पोर्टल पर फ्लैश होने लगेगा. इसके बाद ट्रेन के अगले स्टॉपेज पर आरपीएफ यात्रियों की मदद के लिए खड़ी होगी. इसके साथ ही मामले को निस्तारित करने के बाद फीडबैक भी पोर्टल पर दर्ज करना होगा.
एसी कोचों में घटनाओं पर
आरपीएफ आईजी एसके सिंह ने बताया कि एसी कोचों में लगातार बढ़ती अपराधिक घटनाओं की वजह से यह एक्शन प्लान तैयार किया गया है. इस सुविधा के शुरू होने से अपराध को अंजाम देने वाले अपराधी तक भी पहुंचने की संभावना बढ़ जाएगी. उन्होंने बताया कि यह सेवा अक्टूबर माह से शुरू कर दी गई है.
संयुक्त रूप से होगा काम
आरपीएफ अधिकारियों के मुताबिक ट्रेनों व स्टेशनों में होने वाली अपराधिक घटनाओं पर शिकंजा कसने के लिए आरपीएफ व जीआरपी संयुक्त रूप से काम करेंगी. पिछले छह माह में आरपीएफ व जीआरपी की संयुक्त टीम ने दो दर्जन से अधिक शातिर अपराधियों को जेल भेजा है. इससे आउटर में होने वाले अपराधों का ग्राफ काफी कम हुआ है.
एक नजर यहां भी
रोजाना 3 लाख से ज्यादा यात्रियों का आवागमन ट्रेनों से होता है. 389 ट्रेनों का रोज आवागमन स्टेशन से होता है. 17 शिकायतकर्ता को पोर्टल के माध्यम से मदद दी जा चुकी है. इसके साथ ये भी बताया गया कि 3 मंडलों में सुविधा की शुरुआत की गई है.
ऐसा बताया अधिकारी ने
इस क्रम में रेलवे के आईजी एसके सिंह ने बताया कि यात्रियों की सुविधाओं व सुरक्षा को देखते हुए इस सेवा का शुभारंभ किया गया है. इससे यात्रियों को काफी आराम मिलने के साथ ही अपराधों पर भी शिकंजा कसने में सहुलियत मिलेगी.