अमृतसर में दशहरे के दिन हुआ हादसा दिवाली पर कानपुर में दोहराने के पूरे आसार बने हुए हैं. दरअसल कल्याणपुर थाने से चंद कदम दूर रेलवे ट्रैक के किनारे लगने वाली बाजार में इस वक्त इतनी भीड़ हैं कि अगर भगदड़ मच जाए और उसी बीच ट्रैक पर कहीं ट्रेन आ जाए तो कई जिंदगियां काल के गाल में समा सकती हैं.
कानपुर। अमृतसर में दशहरे के दिन हुआ हादसा दिवाली पर कानपुर में दोहराने के पूरे आसार बने हुए हैं. दरअसल कल्याणपुर थाने से चंद कदम दूर रेलवे ट्रैक के किनारे लगने वाली बाजार में इस वक्त इतनी भीड़ हैं कि अगर भगदड़ मच जाए और उसी बीच ट्रैक पर कहीं ट्रेन आ जाए तो कई जिंदगियां काल के गाल में समा सकती हैं. यही नहीं ट्रैक किनारे लगे बाजार में ट्रेन आने के दौरान लोगों को सचेत करने के लिए यहां भी कोई इंतजाम नहीं है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिला प्रशासन व आरपीएफ किसी बड़ी घटना होने पर ही अपनी आंख खोलेगा.
अभी भी है वही हाल
कल्याणपुर में रेलवे ट्रैक व सड़क किनारे लगने वाली बाजार को 2015 में तत्कालीन डीएम डॉ. रोशन जैकब ने इंदिरा नगर रोड पर शिफ्ट करने का आदेश दिया था. इसकी जिम्मेदारी एसीएम, नगर निगम व स्थानीय पुलिस को दी गई थी. आदेश के बाद अभियान चला कर बाजार को शिफ्ट कर दिया गया था. इसके बाद डीएम रोशन जैकब के ट्रांसफर हो जाने से व्यवस्था जस की तस हो गई. पुलिस की सरपरस्ती से बाजार फिर वहीं लगने लगी.
आए दिन होता है ऐसा
सूत्रों के मुताबिक कल्याणपुर में रेलवे ट्रैक किनारे लगने वाली बाजार में खरीददारी करने आने वाले लोग आए दिन ट्रेन की चपेट में आते रहते है. मृतकों के आंकड़े देखे जाए तो वहां पर इस वर्ष 30 से अधिक लोगों की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई है. कल्याणपुर सड़क किनारे प्रतिदिन बड़ी बाजार लगती है. यहां हजारों की संख्या में स्थानीय लोग खाने पीने की सामग्री की खरीदारी करने आते है. कल्याणपुर रेलवे क्रासिंग बंद होने की स्थिति में सड़क पर वाहन व सैकड़ों लोगों की भीड़ होने से यहां पर प्रतिदिन भीषण जाम लगता है. इस बारे में इज्जतनगर मंडल के पीआरओ राजेंद्र सिंह कहते हैं कि रेलवे ट्रैक पर बाजार लगने की जानकारी नहीं है. अगर ऐसा है तो मामले की जांच कर उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी.