Ukraine-Russia Crisis- कानपुर के ही दो भाई-बहन वहां फंसे हुए हैं। वहां हालात इतने खराब हैं कि इन भाई-बहनों को वहां ठीक से खाने पीने को भी नहीं मिल रहा। परिजनों के मुताबिक, अब तक भारतीय दूतावास से संपर्क नहीं किया है।
यूक्रेन-रशिया क्राइसिस ने देश और दुनिया में तहलका मचा दिया है। उत्तर प्रदेश के कई छात्रों के साथ ही कानपुर जिले के भी छात्र अब भी वहां फंसे हैं। हालांकि, शुक्रवार शाम तक दर्जन छात्र निकल आए हैं लेकिन जो नहीं निकल सके, उनके घर वालों की सांस अटकी हुई है। इसी क्रम में दो कानपुर के ही दो भाई-बहन वहां फंसे हुए हैं। वहां हालात इतने खराब हैं कि इन भाई-बहनों को वहां ठीक से खाने पीने को भी नहीं मिल रहा। परिजनों के मुताबिक, अब तक भारतीय दूतावास से संपर्क नहीं किया है। परिजनों ने बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाने की अपील भारत सरकार से की है।
रूस के हमले के बाद फंसे छात्र
सगे भाई-बहन आरव और अक्षरा यूक्रेन के शहर खारकीव में रहते हैं। दोनों एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए विदेश गए थे लेकिन रूस के हमले के बाद वे वहां फंस गए हैं। अक्षरा और आरव नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ खारकीव में एमबीबीएस के चौथे सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहे हैं। रूस के हमले के बाद से वह यूनिवर्सिटी के हॉस्टल के बेसमेंट में आकर रह रहे हैं। फिलहाल उनकी वतन वापसी के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। वहीं, परिजन उनकी वापसी का इंतजाम न हो पाने के कारण परेशान हैं। उन्होंने भारत सरकार से बच्चों को सकुशल वापस भिजवाने की अपील की है।
सरकार करे ऐसी व्यवस्था कि बच्चे रहें सुरक्षित
परिजनों का कहना है कि सरकार को बच्चों की वापसी सुनिश्चित करनी चाहिए। तब तक सरकार ऐसी व्यवस्था करे कि बच्चे वहां सुरक्षित रहें और उनके खाने पीने का इंतजाम होता रहे। हालांकि, अक्षरा और आरव दोनों ने अपने सुरक्षित होने की बात घर वालों से कही है, लेकिन परिजन उनकी जल्द से जल्द वतन वापसी की राह देख रहे हैं। परिजनों के मुताबिक, खारकीव में लगातार विस्फोट की आवाजें सुनाई देती हैं। टीवी पर न्यूज़ देख कर भी दिल सहम जाता है। ऐसे में उन्हें बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। हेल्पलाइन नंबर्स भी माता पिता को भेजा गया है। इन नंबर्स के जरिये ही वह बच्चों से कॉन्टैक्ट कर पा रहे हैं।