Weather News:तीन चक्रवाती परिसंचरण, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और 176 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बहती जेट स्ट्रीम के कारण मौसम में बड़ा बदलाव संभव है। कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और पहाड़ों पर बर्फबारी की संभावना सीएसए के मौसम विशेषज्ञ ने जताई है।
कानपुर,उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से करवट लेने की तैयारी में है। कानपुर के सीएसए के मौसम विशेषज्ञ डॉ. यस. एन. सुनील पांडेय के अनुसार वर्तमान सिनोप्टिक परिस्थितियां असामान्य रूप से सक्रिय हैं, जिनका असर आने वाले दिनों में साफ दिखाई दे सकता है।
चक्रवातीय परिसंचरण है सक्रिय -
डॉ. पांडेय ने बताया कि उत्तर-पूर्वी अरब सागर और गुजरात तट से दूर समुद्र तल से करीब 1.5 किमी की ऊंचाई पर एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ ही गुजरात के ऊपर 3.1 किमी की ऊंचाई पर एक और चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है। वहीं दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उससे सटे पाकिस्तान क्षेत्र के ऊपर भी 1.5 किमी की ऊंचाई पर तीसरा चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। इन तीनों सिस्टमों के संयुक्त प्रभाव से पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी भारत में बादल बढ़ने, हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं तेज हवाओं की संभावना बन रही है।
मौसम को कर सकता है प्रभावित -
इसके अतिरिक्त एक पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडल की पछुआ पवनों में ट्रफ के रूप में 5.8 किमी की ऊंचाई पर, लगभग 65 डिग्री पूर्व देशांतर और 34 डिग्री उत्तर अक्षांश के उत्तर में स्थित है। यह सिस्टम भी उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इतना ही नहीं, 2 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय होने की संभावना है, जिससे पहाड़ी राज्यों में वर्षा और बर्फबारी के आसार बन सकते हैं। पूर्वोत्तर भारत के ऊपर 12.6 किमी की ऊंचाई पर उपोष्ण पछुआ जेट स्ट्रीम लगभग 176 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है। इतनी तेज जेट स्ट्रीम ऊपरी वायुमंडलीय परिस्थितियों को अस्थिर कर सकती है और मौसम प्रणालियों को गति दे सकती है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. यस. एन. सुनील पांडेय ने बताया कि इस लिए किसानों, यात्रियों और आम नागरिकों को अगले कुछ दिनों तक मौसम पूर्वानुमान पर नजर बनाए रखने की जरूरत है,क्योंकि सक्रिय मौसमी तंत्र अचानक बदलाव ला सकते हैं।