महिलाओं पर अत्याचार, ढ़ाई साल के मासूम के सामने माँ से किया दुष्कर्म

नेताजी जिसकों जवानी में गलती होना मानते है एक युवक ने बच्चे को जान से मारने की धमकी देकर मजदूरी का काम करने वाली एक महिला से यौन शोषण कर डाला

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Sep 06, 2016
woman raped in bithoor kanpur
woman raped in bithoor kanpur
महिलाओं पर अत्याचार, ढ़ाई साल के मासूम के सामने माँ से किया दुष्कर्म
कानपुर - प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार रुकने का नाम नहीं ले रहे। हलांकि ऐसे समय में प्रदेश सरकार की इन अत्याचारों को रोकने की प्रतिबद्धता पर भी निशान लगता है क्यों कि समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिहं पहले ही कह चुके है कि लड़के है जवानी में गलती हो जाती है।
कानपुर के बिठूर में नेताजी जिसकों जवानी में गलती होना मानते है एक युवक ने बच्चे को जान से मारने की धमकी देकर मजदूरी का काम करने वाली एक महिला से यौन शोषण कर डाला।
बिठूर में कटरी के एक गांव में सोमवार की शाम एक सिरफिरा युवक पास के ही मजदूर के घर पर घुस गया। इस समय घर पर एक महिला अपने ढ़ाई साल के लड़के के साथ घर के जरूरी काम निपटा रही थी।
युवक ने घर पर घुसते ही अन्दर से दरवाजा बन्द कर लिया और जैसे ही महिला ने चिल्लाने का प्रयास किया पड़ोस के युवक सन्नू ने उसके ढ़ाई साल के बच्चे को जमीन पर पटकने की धमकी देकर उसके साथ जबरदस्ती करना शुरू कर दिया।
इस समय महिला का पति काम पर गया था और उसका बड़ा लड़का घर से बाहर था। हलांकि जैसे ही उसने मौका पाया तो कस कर चिल्ला दिया जिससे पास के घरों में मौजूद लोगो ने घर घेर लिया लेकिन लड़का किसी तरह वहां से भागने में कामयाब हो गया।
पास और पड़ोस के लोगो ने मामले की जानकारी पुलिस को दी तो मौके पर पहुंच कर पुलिस ने तफ्तीश शुरू की हलांकि काफी समय खोजने के बाद भी युवक का पता नहीं चला लेकिन देर रात को एक सुचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी युवक को गंगा किनारे के एक गांव से गिरफ्तार कर लिया।
हलांकि बाद में पुलिस महिला को डाक्टरी के लिए भेज दिया और आरोपी युवक के खिलाफ बलात्कार की धाराओं में मामला दर्ज कर जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। क्षेत्र के लोगो का कहना है कि आरोपी युवक सन्नू पर पहले भी महिलाओं के साथ छेड़खानी की शिकायते आ चुकी है।
लेकिन ऐसे में यह प्रश्न उठता है कि आखिर महिलाओं के हित का बात करने वाली समाजवादी पार्टी की अखिलेश यादव सरकार में महिलाओं के साथ इस तरह के रोज हो रहे उत्पीड़न पर कोई पुख्ता नियम क्यो नहीं बना पायी।
Published on:
06 Sept 2016 10:31 am