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तमिलनाडु में 38,100 करोड़ रुपये के दो बड़े निवेश, तुत्तुकुड़ी बनेगा शिपबिल्डिंग और स्पेस मैन्युफैक्चरिंग हब

Tamil Nadu News: तमिलनाडु सरकार ने तुत्तुकुड़ी में 38,100 करोड़ रुपये की दो बड़ी परियोजनाओं के लिए समझौते किए हैं। इनमें हुंडई के साथ ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग यार्ड और IN-SPACe के साथ स्पेस टेक्नोलॉजी फैसिलिटी शामिल हैं। इन परियोजनाओं से हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
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चेन्नई

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Anurag Animesh

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Updated: 18 Jun 2026, 5:14 AM IST

Hyundai Shipbuilding

Hyundai Shipbuilding Project(Photo-X/@UpdatesChennai)

Tuticorin Greenfield Shipyard: तमिलनाडु सरकार ने बुधवार को औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए दो महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। पहला समझौता हुंडई समूह की एचडी कोरिया शिपबिल्डिंग एंड ऑफशोर इंजीनियरिंग के साथ 38 हजार करोड़ रुपए की लागत से ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग यार्ड के निर्माण का है। दूसरा समझौता इन-स्पेस के साथ 100 करोड़ रुपए की लागत से अंतरिक्ष वाहनों के लिए कॉमन टेक्नोलॉजी फैसिलिटी की स्थापना के लिए किया गया। दोनों परियोजनाएं दक्षिण तमिलनाडु के तुत्तुकुड़ी जिले में स्थापित होंगी।

इन समझौतों पर राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के साथ विस्तृत चर्चा की और परियोजनाओं की जानकारी दी। शिपबिल्डिंग परियोजना से 15,000 लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा तथा सहायक इकाइयों और घरेलू वितरण शृंखला के माध्यम से राज्य में और अधिक रोजगार और आर्थिक विकास की संभावना है।

एनएसएचआइपीटीएन का गठन


आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य सरकार ने इस उद्देश्य से नेशनल शिपबिल्डिंग एंड हेवी इंडस्ट्रीज पार्क तमिलनाडु लिमिटेड (एनएसएचआइपीटीएन) का गठन किया है, जिसमें सिपकॉट और वीओसी पोर्ट अथॉरिटी, तुत्तुकुड़ी की भागीदारी है। परियोजना को डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ शिपिंग से सैद्धांतिक मंजूरी भी मिल चुकी है। मुख्यमंत्री विजय ने कंपनी अधिकारियों को राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

जानें डिटेल्स


इस समझौते के पीछे उद्योग मंत्री कीर्तना की हालिया दक्षिण कोरिया यात्रा और हुंडई हेवी इंडस्ट्रीज के साथ हुई वार्ता अहम रही। मंत्री कीर्तना ने बताया कि प्रस्तावित तुत्तुकुड़ी ग्रीनफील्ड शिपयार्ड भारत-कोरिया समुद्री सहयोग का प्रमुख परिणाम है और यह भारत की दीर्घकालिक शिपबिल्डिंग क्षमता को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की समुद्री परंपरा और लंबी तटरेखा इसे ब्लू इकोनॉमी और शिपबिल्डिंग के क्षेत्र में नेतृत्व की ओर ले जाएगी। तुत्तुकुड़ी का पोर्ट आधारित स्थान और औद्योगिक क्षेत्र इसे समुद्री विनिर्माण क्लस्टर के लिए उपयुक्त बनाता है।

तमिलनाडु सरकार और इन-स्पेस के बीच दूसरा समझौता तुत्तुकुड़ी जिले के अलीकुलम में आगामी स्पेस मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रियल पार्क में अंतरिक्ष वाहनों के लिए कॉमन टेक्निकल फैसिलिटी (सीटीएफ) की स्थापना के लिए हुआ। इस फैसिलिटी में एडवांस टेस्टिंग और इंटीग्रेशन सेंटर होंगे, जो निजी एयरोस्पेस और डीप-टेक क्षेत्रों को लाभ पहुंचाएंगे।