करौली

ओ! ‘मां’ ये तूने क्या किया… कलेजे के टुकड़े को 7 माह का होते ही​ निकाला, फेंक गई सड़क पर

नवजात करीब सात माह का है। प्रसव के दौरान उसे बेरहमी से निकाला गया। जिससे उसके शरीर पर औजारों से लगी चोटों के निशान हैं।
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Updated: 22 Jan 2018, 8:28 PM IST
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करौली.
राजस्थान में एक जच्चा द्वारा अपने बच्चा के साथ जो किया गया, उसे जानकर हर कोई स्तब्ध रह जाएगा। यहां एक कलियुगी युवती अपनी कोख में पल रहे मासूम का 7 माह का होते ही प्रसव करा दिया। इसके बाद सडक़ पर फेंक कर चली गई।

रुआंसा कर देने वाली यह वारदात हुई है करौली जिले के सिकरौदा रोड स्थित बायपास इलाके में, जहां से गुजर रहे राहगीरों की शिशु पर नजर पड़ी। उन्होंने उसे देखा तो दंग रह गए।

सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और एम्बुलेन्स से नवजात को राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर शव को मोर्चरी में रखवाया। इधर पुलिस किसी नृसिंग होम में प्रसव होने के बाद शव को फेंकने की आशंका जता रही हैं।


एएसआई मोहनसिंह ने बताया कि सिकरौदा रोड बायपास पर नवजात के पड़े होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। जहां लोगों की भीड़ लगी हुई थी। पुलिस ने सडक़ किनारे पड़े नवजात को एम्बुलेन्स से चिकित्सालय पहुंचाया।

जहां ड्यूटी चिकित्सक डॉ. अतरसिंह मीणा ने फोन पर सूचना देकर पीएमओ व शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नमोनारायण मीणा को बुलाया। जिन्होंने बालक को मृत घोषित कर दिया। पीएमओ ने बताया कि नवजात करीब सात माह का है। प्रसव के दौरान उसे बेरहमी से निकाला गया। जिससे उसके शरीर पर औजारों से लगी चोटों के निशान हैं। पुलिस ने मामले की जांच के लिए शहर के नृसिंग होम संचालकों से दो दिन में हुए प्रसवों की जानकारी मांगी है।

उल्लेखनीय है कि गत वर्ष अक्टूबर माह में दीपावली पर भायलापुरा में एक नृसिंग होम के पास नवजात बालिका को फेंक दिया था। जिसमें कोतवाली पुलिस ने शिशु को जन्म देने वाली युवती व सूरौठ पुलिस ने आरोपित युवक को गिरफ्तार किया था।

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