करौली में सोहन पापड़ी तो सालभर मिलती है, लेकिन दिलखुश सोहन पापड़ी केवल गर्मियों में चार महीने के लिए मिलती है।
Rajasthan Hindi News: कोई भी त्योहार हो सबसे ज्यादा बिकने वाली मिठाई सोहन पापड़ी होती है। गिफ्ट के रूप में भी इस मिठाई को सबसे ज्यादा दिया जाता है। सोहन पापड़ी इतनी सॉफ्ट होती है कि मुंह में रखते ही घुल जाती है। दरअसल सोहन पापड़ी देश में अमूमन हर जगह बनाई जाती है, लेकिन राजस्थान के करौली में बनने वाली इस मिठाई का स्वाद सबसे अनोखा है। खास बात तो यह है कि करौली में ये मिठाई महज 4 महीने ही बनाई जाती है और इसे नाम दिया गया है दिलखुश सोहनपापड़ी।
हालांकि करौली में सोहन पापड़ी तो सालभर मिलती है, लेकिन दिलखुश सोहन पापड़ी केवल गर्मियों में चार महीने के लिए मिलती है। इसलिए इसकी काफी डिमांड है। इस स्पेशल मिठाई को कुछ चुनिंदा मुस्लिम परिवारों के द्वारा ही बनाया जाता है। दिलखुश सोहन पापड़ी इतनी मुलायम होती है कि मुंह में रखते ही पानी हो जाती है। कहते हैं इसे खाते ही इंसान का दिल खुश हो जाता है, इसलिए इसका नाम भी दिलखुश सोहन पापड़ी पड़ा है। कारीगरों का कहना है कि करौली में इसका स्वाद केवल गर्मी के 4 महीने ही मिलता है और इसकी डिमांड भी दिल्ली, मुंबई, आगरा, जयपुर ही नहीं दुनियाभर में रहती है। करौली में यह दिलखुश सोनपापड़ी 200 किलो से लेकर 500 किलो तक बेची जाती है।
दिलखुश सोनपापड़ी खाने में यह एकदम मुलायम, कुरकुरी होने के साथ, स्वाद में भी बेहतरीन होती है। यह कम घी में शुद्ध बेसन के साथ एकदम खस्ता बनाई जाती है। करौली में अभी केवल 8 से 10 मुस्लिम परिवार ही इस मिठाई को बनाते हैं। ऐसे में करौली में इसकी काफी डिमांड रहती है। इसका थोड़ा-थोड़ा आकर कुटेमा गजक से मिलता-जुलता सा दिखाई देता है।