
करौली जिले के किसानों के लिए धनतेरस का पावन पर्व दोहरी खुशियां लेकर आया है। जिला मुख्यालय के समीपवर्ती मामचारी बांध की नहरों से शुक्रवार 6 नवंबर 2026 को रबी की फसल की सिंचाई के लिए विधिवत पानी छोड़ दिया गया है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों, कनिष्ठ अभियंताओं और जल वितरण समिति के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में नहरों के गेट खोले गए।
इस निर्णय से क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों की 562 हेक्टेयर कृषि भूमि को रबी सीजन में सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिल सकेगा, जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही है।
जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता वीरसिंह और अधिशासी अभियंता विवेक बंसल के अनुसार, बांध से सिंचाई के लिए पानी चार चरणों में छोड़ा जाना प्रस्तावित है।
प्रथम चरण (20 दिन): शुक्रवार से शुरू हुआ पहला चरण लगातार 20 दिनों तक जारी रहेगा।
द्वितीय व तृतीय चरण: प्रथम चरण के बाद नहरों का संचालन बंद कर आवश्यकतानुसार द्वितीय और तृतीय चरण में भी 20-20 दिनों के लिए पानी छोड़ा जाएगा।
अंतिम चरण: किसानों की मांग और बांध में पानी की उपलब्धता के आधार पर अंतिम चरण संचालित किया जाएगा।
वर्तमान जलस्तर: मामचारी बांध की कुल भराव क्षमता 19 फीट है, जिसमें से वर्तमान में करीब 16 फीट पानी उपलब्ध है।
नहरों का नेटवर्क: बांध से निकलने वाली तीनों नहरों की कुल लंबाई लगभग 10 किलोमीटर है।
कमांड क्षेत्र: इन नहरों के माध्यम से क्षेत्र की 562 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी।
मामचारी बांध की नहरों से निकलने वाली जलधारा से क्षेत्र के दर्जनों गांवों को लाभ पहुंचेगा:
मामचारी
करसाई
कोटा महोली
राजौर
बामनपुरा
काछीपुरा
मंडी की ढाणी
तरौली
कमरपुर और आसपास की ढाणियां
जल संसाधन विभाग ने पूरे कमांड क्षेत्र में पानी के सुचारू प्रवाह के लिए गश्त और तकनीकी निगरानी सुनिश्चित कर दी है ताकि अंतिम छोर (टेल) तक पानी पहुंच सके।