करौली

राजस्थान: प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत यहां दिए गए मुफ्त गैस कनेक्शन, गरीबों के चेहरे पर बन आई खुशी

न्याय आपके द्वार शिविर अटल सेवा केन्द्र में इस दौरान सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे...

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Jul 19, 2018
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करौली.
यहां बालघाट पंचायत में न्याय आपके द्वार शिविर अटल सेवा केन्द्र पर आयोजित हुआ। जिसमें सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। शिविर शिविर में 10 महिलाओ को प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत निशुल्क गैस कनेक्शन दिए गए।

वहीं बंटवारे, पट्टे, नामांतरण, शुद्धिकरण आदि से सम्बन्धित प्रकरणों का निस्तारण किया गया। शिविर मे एसडीएम जगदीश आर्य, बीडीओ नहारसिंह मीना, तहसीलदार छुट्टनलाल मीना, नायब हरकेश मीना, सरपंच प्रकाशी मीना, गिरदावर अशोक शर्मा, पटवारी आशुतोष शर्मा मौजूद रहे।

किसानों को ऋण माफी
उपतहसील कार्यालय पर किसानों को ऋण माफी प्रमाण पत्र वितरित किए गए। जिला प्रभारी मंत्री जसवंत यादव के साथ जिला कलक्टर अभिमन्यु कुमार एवं सांसद मनोज राजौरिया ने 511 किसानों को ऋण माफी प्रमाण पत्र सौंपे। सात किसानों को आवासीय पट्टों का वितरण किया गया।

1 करोड़ 18 लाख 79 हजार रुपए का ऋण माफ किया गया। इस मौके पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि गरीब किसानों को अब कर्जे से मुक्ति मिलने के दिन आ गए हैं। उन्होंने बताया कि पहले वाला सहकारी बैंक का पचास हजार तक का ऋण माफ हो गया है। अब हाथों हाथ दूसरा ऋण ले सकते हैं। जिला कलक्टर अभिमन्यु कुमार ने योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। इस मौके पर सपोटरा एसडीएम राजपाल यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश राजौरिया, प्रधान इंदू देवी, मंडल अध्यक्ष रूपचंद मित्तल, अमरसिंह, सपोटरा तहसीलदार बुद्धिप्र्रकाश मीना, सरपंच मुरारी मीना, सहकारी समिति सचिव गुमान सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।

शिविर समापन के बाद जिला कलक्टर उपतहसील कार्यालय पहुंचे जहां कई कर्मचारी नदारद मिले।एक पटवारी के द्वारा एक माह बाद भी कार्य नहीं संभालने पर चार्जशीट देने के निर्देश दिए।

डेढ़ माह बाद भी नहीं लगा बालिका का सुराग, परिजनों ने की आईजी से गुहार
फैलीकापुरा(हिण्डौनसिटी). समीप के गांव सनेट से लापता हुई बालिका का डेढ़ माह बाद भी सुराग नहीं लगा है। बालिका के पिता ने भरतपुर के पुलिस महानिरीक्षक को पत्र भेज का पुत्री को तलाशने की मांग की है।

पत्र में बताया है कि 12 मई को उसकी नाबालिग पुत्री का कोई व्यक्ति अपहरण कर ले गया। जिसकी 13 मई को श्रीमहावीरजी पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। साथ ही पुलिस को एक मोबाइल सेट भी पुलिस को सौंपा गया। परिजनों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस अनुसंधान की धीमी गति के चलते बालिका का पता नहीं लगा है। पीडि़त ने आईजी से प्रकरण की जांच जिले के किसी अन्य थाना के अधिकारी से कराने की मांग की है।

Updated on:
21 Jun 2018 08:38 pm
Published on:
19 Jul 2018 06:18 pm