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Karauli: ‘भाई राखी बंधवाने घर आने वाला था, उससे पहले आई मौत की खबर’, बहन की आंखों में रह गया इंतजार

करौली जिले के हिंडौनसिटी में बारिश और तेज हवा के कारण बिजली का तार टूटने से 18 वर्षीय अर्जुन बागरिया की करंट लगने से मौत हो गई। भरतपुर जिला निवासी अर्जुन रक्षाबंधन पर अपनी बहन से राखी बंधवाने घर जाने वाला था। इस दर्दनाक हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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करौली

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Arvind Rao

Aug 13, 2026

youth dies of electrocution in hindauncity

इनसेट में मृतक अर्जुन बागरिया और जिला अस्पताल में मोर्चरी के पास बैठे परिजन (पत्रिका फोटो)

हिंडौनसिटी (करौली): सावन की फुहारों के बीच जहां हर बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधने का बेसब्री से इंतजार कर रही है। वहीं, भरतपुर जिले की रोशनी बागरिया की आंखें अब ताउम्र अपने भाई की राह तकती रह जाएंगी। बारिश और तेज हवा के साथ आई एक खबर ने रोशनी की खुशियों को हमेशा-हमेशा के लिए आंसुओं में बदल दिया।

बता दें कि मंगलवार शाम हिंडौनसिटी की आनंद विहार कॉलोनी (बयाना रोड) के पास जब झमाझम बारिश के बीच जलभराव से बचते हुए 18 वर्षीय अर्जुन बागरिया अपना साइकिल रिक्शा किनारे से निकाल रहा था, तभी एक हादसा हो गया। ऊपर से अचानक बिजली का जर्जर तार टूटकर सीधे उसके रिक्शे के हैंडल से टकरा गया।

सेकंडों में दौड़े हाईटेंशन करंट की चपेट में आने से अर्जुन वहीं तड़पने लगा। आसपास के लोगों ने लाठियों से बिजली की लाइन को हटाया और तुरंत उसे लेकर जिला अस्पताल भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बचपन में उठा पिता का साया, 12 साल की उम्र में किया कबाड़ का काम

अर्जुन की कहानी दर्दभरी है। पिता के चले जाने के बाद मां ने मजदूरी करके उसे और उसकी बहन को पाला। महज 8 साल की उम्र से ही वह अपनी बहन के पास रह रहा था, जिस उम्र में बच्चे खेलते-पढ़ते हैं, उस 12 साल की छोटी सी उम्र से ही अर्जुन ने परिवार का सहारा बनने के लिए कबाड़ बीनना शुरू कर दिया था। पिछले छह महीने से वह हिंडौन में एक ठेकेदार के पास रहकर कचरा और कबाड़ बिनने का काम कर रहा था, ताकि अपने परिवार के दो वक्त की रोटी का इंतजाम कर सके।

'राखी पर आने वाला था अर्जुन…'

भरतपुर से हिंडौनसिटी अस्पताल पहुंची बहन रोशनी बागरिया का रो-रोकर बुरा हाल था। फफकते हुए उसने बताया कि अर्जुन ने उससे वादा किया था कि वह रक्षाबंधन पर राखी बंधवाने घर जरूर आएगा। लेकिन भाई के आने की खुशी की जगह जब उसकी मौत की खबर आई, तो बहन के सारे सपने बिखर गए।

गम और गुस्से से भरे परिजनों ने पहले तो विद्युत निगम की लापरवाही के खिलाफ मुआवजे की मांग को लेकर पोस्टमॉर्टम कराने से मना कर दिया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों और नई मंडी थाना पुलिस की समझाइश पर बुधवार शाम को पोस्टमॉर्टम हो सका।

समाजसेवी विष्णु प्रजापत की मदद से रोती-बिलखती बहन ने विद्युत निगम के स्थानीय अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। हादसे के बाद अस्पताल पहुंचे निगम अभियंताओं ने पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है। पर सवाल वही है क्या निगम की सहायता उस बहन को उसका वो भाई वापस लौटा पाएगी, जो इस राखी पर उससे मिलने का वादा कर हमेशा के लिए सो गया?