
नरवर किला, जहां से चोरी हुई 400 वर्ष पुरानी 3.5 टन वजनी तोप। फोटो पत्रिका नेटवर्क
Narwar Fort Cannon Theft: हिण्डौनसिटी (करौली)। मध्य प्रदेश के शिवपुरी के ऐतिहासिक नरवर किले से 15 जुलाई को चोरी हुई 400 वर्ष पुरानी 3.5 टन वजनी तोप की तलाश में एमपी पुलिस करौली जिले में कैंप किए हुए हैं। सदर थाना क्षेत्र के गांव गांवड़ा मीणा में जंगल में संदिग्ध स्थानों खुदाई में कोई सुराग नहीं मिलने पर अब मध्य प्रदेश पुलिस इलाके के दूसरे गांवों में तकनीकि मदद से तलाश को नई दिशा देने में जुटी है।
वहीं गांव में एक दिन पहले चले दो राज्यों की पुलिस के संयुक्त सर्च अभियान के मामले ग्रामीण चुप्पी साधे हैं। लेकिन पुलिस के गांव में भूमि की मेटल डिटेक्टर से जांच कराने और बुल्डोजर से खुदाई कराने की दबी जुवान से चर्चा रही।
गुरुवार को आम दिनों की भांति खेत-खलिहानों के लिए निकले ग्रामीणों ने मध्य प्रदेश व राजस्थान की पुलिस टीम ने जंगल में तीन स्थानों पर करवाई गई खुदाई को देखा, लेकिन मौके पर कोई ठहराव नहीं हुआ। मध्यप्रदेश के नरवर थाना पुलिस व स्थानीय पुलिस की ओर से सुझाए संदिग्ध स्थानों का जांच के बाद भरतपुर पुलिस महानिरीक्षक रेंज ऑफिस से आई मेटल डिटेक्टर टीम बुधवार शाम को वापस लौट गई।
तोप की तलाश में जिले में ठहरी नरवर पुलिस ने मध्यप्रदेश से मिले तकनीकि इनपुट को राज्य की सीमा से प्रवेश से लेकर करौली जिले के विभिन्न रास्ते और गांवों से निकल कर रिव्यू किया। नरवर थाना प्रभारी विजय कुमार यादव ने बताया की एमपी पुलिस टीम अभी करौली में है।
उच्च अधिकारियों के निर्देश और नए सिरे से मिल रहे तकनीकि साक्ष्यों के जरिए अनुसंधान को आगे बढ़ाया जा रहा है। इधर, सदर थाना अधिकारी गिरिराज जाटव ने बताया कि गांवड़ा मीणा गांव में बुधवार को ही सर्च ऑपरेशन हुआ था। गुरुवार को एमपी पुलिस के साथ वहां कोई गतिविधि नहीं की है।
शिवपुरी जिले के नरवर थाना क्षेत्र स्थित 16वीं शताब्दी में निर्मित किले से लगभग 400 साल पुरानी अष्टधातु की 3.5 टन वजनी ऐतिहासिक तोप चोरी हो गई थी। चोरों ने पहले 5 जुलाई को तोप को उसकी जगह से हटाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे थे। बाद में 15 जुलाई की रात वे वाहन में लाद कर चुरा ले गए थे। मामले में पुलिस को संदेह है कि यह चोरी अंतरराष्ट्रीय पुरावशेष तस्करों के नेटवर्क द्वारा की गई है।
Updated on:
23 Jul 2026 06:40 pm
Published on:
23 Jul 2026 06:33 pm
