करनाल

नौकरियों में धन वसूली के विपक्ष के आरोप पर मुख्यमंत्री ने दिया कड़ा जवाब और किया नाराज किसानों को मनाने का प्रयास

इस सूरजमुखी, धान किसान धन्यवाद रैली में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसानों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने विपक्ष पर हमला किया और कहा कि...
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Jul 22, 2018
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(चण्डीगढ़): हरियाणा में नौकरियों में धन वसूली के विपक्ष के आरोप का जवाब रविवार को कुरूक्षेत्र जिले के शाहाबाद में धन्यवाद रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दिया। इसी के साथ उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा खरीफ फसलों के लिए तय किए गए समर्थन मूल्य से नाखुश किसानों को मनाने का प्रयास भी किया।

मनोहर लाल ने कहा कि आज विपक्ष एसवाईएल, स्वामीनाथन और जाति के नाम पर समाज में दुराब पैदा करने के लिए आपको बरगलाएगा, लेकिन आप लोगों को सजग रहना और एक चैंकीदार के रूप में भागीदार की भूमिका अदा करनी है। आप सभी जानते है कि किस प्रकार से विपक्ष ने रोहतक में घिनौना कार्य करवाया है।

इस सूरजमुखी, धान किसान धन्यवाद रैली में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसानों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने विपक्ष पर हमला किया और कहा कि पहले नौकरियां पर्ची सिस्टम से दी जाती थी, लेकिन हमनें यह सिस्टम खत्म किया और आज तक 26 हजार नियुक्तियां हो चुकी है। किसी ने भी यदि इन नियुक्तियों के दौरान कोई पैसा लिया हो तो वे उन्हें बताएं, उस पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति और विकास के लिए जीडीपी बढ़ानी होगी। वर्तमान में हरियाणा की जीडीपी 8.2 है, जबकि राष्ट्रीय जीडीपी 7.8 है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की प्रगति के लिए हरियाणा की जीडीपी हम 10 तक लेकर जाएंगे।


केन्द्र द्वारा तय खरीफ के समर्थन मूल्य पर नाराजगी दूर करने का प्रयास

इधर यह भांपते हुए कि किसान हाल में केन्द्र सरकार द्वारा खरीफ फसलों के लिए तय किए गए समर्थन मूल्य से खुश नहीं है। शाहबाद की धन्यवाद रैली में ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने वायदा किया कि वे लागत का पचास फीसदी मुनाफे में दिलाएंगे। खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य के राजनीतिक प्रचार के लिए यह दूसरी रैली थी। शाहबाद सूरजमुखी के उत्पादन का क्षेत्र है। इससे पहले महेन्द्रगढ में शनिवार को महेन्द्रगढ में धन्यवाद रैली का आयोजन किया गया था। महेन्द्रगढ़ खरीफ की फसल बाजरा का उत्पादन केन्द्र है। महेन्द्रगढ़ रैली में मुख्यमंत्री ने कहा था कि वे प्रदेश में बाजरे के एक-एक दाने की खरीद सुनिश्चित करेंगे।

शाहाबाद रैली में मुख्यमंत्री ने सूरजमुखी आधारित प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने का ऐलान भी किया। मुख्यमंत्री ने किसानों को यह सलाह भी दी कि वे कम संसाधनों में पैदा होने वाली फसलों को अपनाएं। हरियाणा में भी किसान मध्य प्रदेश समेत अन्य प्रांतों की तरह आंदोलित है। किसान संगठन हाल में तय किए गए खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य को लागत के अनुपात में पचास फीसदी मुनाफा देने वाला न मानते हुए विरोध व्यक्त कर रहे है।

Published on:
22 Jul 2018 08:41 pm