पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ठगी की रकम फ्रीज कराने की प्रक्रिया जारी
कटनी. जिले में बढ़ते सायबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने कड़ा कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने बताया कि जिला सायबर सेल की टीम ने अब तक सायबर फ्रॉड में उपयोग हो रहे 132 मोबाइल डिवाइसेज को चिन्हित कर ब्लॉक कराया है। जांच में सामने आया कि ठग फर्जी बैंक खातों और मोबाइल सिम कार्ड का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी कर रहे थे। ये सिम अलग-अलग राज्यों से फर्जी दस्तावेजों या लालच देकर खरीदी जाती थीं और मोबाइल हॉटस्पॉट बनाकर फ्रॉड गतिविधियों में प्रयोग की जाती थीं। पुलिस द्वारा ऐसे संदिग्ध डिवाइसेज की पहचान कर उन्हें ब्लॉक करवाया गया है, जिससे अब उनका दुरुपयोग संभव नहीं होगा।
सायबर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई और पीडि़तों को राहत देने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक ने जिला सायबर हेल्पलाइन नंबर 7049140613 और नेशनल सायबर हेल्पलाइन नंबर 1930 जारी किए हैं। इन पर शिकायत मिलने पर एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से केस दर्ज कर फ्रॉड अमाउंट को फ्रीज करवाने की कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई में प्रभारी सायबर सेल उनि रूपेन्द्र सिंह राजपूत और उनकी टीम की अहम भूमिका रही। टीम ने तकनीकी जांच के जरिए डिवाइसेज़ को ट्रैक कर ब्लॉक करवाया। पुलिस ने आमजन से कहा है कि किसी भी प्रकार के सायबर फ्रॉड की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर जानकारी दें।
एसपी ने बताया कि गृह मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा बढ़ते सायबर अपराधों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही एवं अंतर्राज्यीय समन्वय के लिए पोर्टल लॉन्च किया गया है। उक्त पोर्टल का एक्सेस सभी थाना प्रभारियों एवं जिला सायबर सेल को उपलब्ध कराया गया है। जिले के आंकड़ों के विश्लेषण में पाया गया कि विगत माह में लगभग 29 नोटिस विभिन्न राज्यों से पोर्टल के माध्यम से प्राप्त हुई थीं, जिनकी तामीली निर्धारित समय-सीमा में किया जाना आवश्यक था। सायबर सेल एवं सभी थाना प्रभारियों की संयुक्त कार्रवाई से मात्र 15 दिवस में सभी 29 लंबित सीआइएआर रिक्वेस्ट का निराकरण किया गया।