
Strike by Workers of Railway Grade Separator Construction Company
कटनी। देश का सबसे लंबा रेलवे ग्रेड सेपरेटर निर्माण कर रही प्रतिष्ठित कंपनी एलएंडटी (लार्सन एंड टूब्रो) में कार्यरत श्रमिकों का सब्र अब जवाब दे गया है। मंगलवार को कंपनी में कार्यरत लगभग 300 श्रमिकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर काम बंद कर एनकेजे इलेक्ट्रिक लोको शेड गेट के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन से क्षेत्र में अफरा-तफरी और हड़कंप की स्थिति बन गई। धरनारत श्रमिकों का आरोप है कि वे वर्ष 2021 से एलएंडटी कंपनी में लगातार कार्य कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें आज तक उनके वैधानिक श्रम अधिकारों से वंचित रखा गया है। श्रमिकों का कहना है कि न तो उन्हें समय पर वेतन मिल रहा है और न ही वे सुविधाएं दी जा रही हैं, जो श्रम कानूनों के तहत उनका अधिकार हैं। श्रमिकों ने यह भी बताया कि लंबे समय से कंपनी प्रबंधन से शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्याओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
धरना दे रहे श्रमिकों ने बताया कि उन्हें बेसिक रेट के अनुसार मजदूरी नहीं दी जा रही है। साथ ही भविष्य निधि (पीएफ), मेडिकल सुविधा, और सेफ्टी उपकरण जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। श्रमिकों का आरोप है कि उनसे प्रतिदिन औसतन 4 घंटे अतिरिक्त कार्य कराया जाता है, लेकिन उसका ओवरटाइम भुगतान नहीं किया जाता। श्रमिकों ने यह भी बताया कि पिछले पांच वर्षों का बोनस अब तक लंबित है, जबकि आठ माह से वेतन का भुगतान भी नहीं किया गया है। इसके अलावा नोटिस पे, टीए-डीए और हाइट अलाउंस जैसी वैधानिक देनदारियां भी कंपनी द्वारा अदा नहीं की गई हैं।
धरना दे रहे श्रमिकों में सुनील पटेल, संजय सिंह राजपूत, नीरज पटेल, राम नारायण यादव, लवकेश सिंह परिहार, सुमित पटेल, हरिपाल चौरसिया सहित बड़ी संख्या में मजदूर शामिल हैं। श्रमिकों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो यह धरना अनिश्चितकालीन रूप ले सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।
श्रमिकों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एलएंडटी कंपनी के फेब्रिकेशन हेड फिलिप्स पंडियन, बीएसी विनोद सिंह, साइड इंचार्ज अनिमिष सिंह एवं रविंद्र सिंह से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। श्रमिकों का कहना है कि यदि शीघ्र बातचीत कर समाधान नहीं निकाला गया, तो वे आंदोलन को और उग्र रूप देने के लिए मजबूर होंगे।
धरनारत श्रमिकों ने जिला प्रशासन एवं श्रम विभाग से भी इस मामले में संज्ञान लेकर श्रमिकों के हित में कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि देश की एक बड़ी और प्रतिष्ठित कंपनी द्वारा श्रमिकों के साथ इस तरह का व्यवहार न केवल श्रम कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि सामाजिक न्याय के भी खिलाफ है। फिलहाल श्रमिकों का धरना जारी है और सभी की निगाहें कंपनी प्रबंधन एवं प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
Published on:
13 Jan 2026 10:49 am
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