
निर्भय बनो, शक्तिशाली बनो। स्वामी विवेकानंद जयंती की शुभकामनाएं! | फोटो सोर्स- Patrika.com
कटनी. 12 जनवरी को देश के महान संत और महापुरुष स्वामी विवेकानंद की जयंती पर युवा दिवस के रूप में उन्हें याद किया जा रहा है। बदलते समय में कई युवा ऐसे सामने आए हैं जो समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहे हैं। ये युवा सोशल मीडिया के शोर से हटकर योग, ध्यान, सेवा और अध्यात्म से जुड़े हैं। कुछ युवा सुबह ध्यान और योगाभ्यास करते हैं, तो कुछ नशामुक्ति अभियान चला रहे हैं। वहीं, कई युवा वृद्धाश्रम और अनाथालय में समय देकर समाज सेवा में योगदान दे रहे हैं। शहर व ग्रामीण इलाकों में ऐसे युवा हैं, जो अपने हुनर और प्रयास से पहचान बना रहे हैं।
कुछ युवा जॉब सीकर नहीं बल्कि जॉब गिवर बने हैं। उन्होंने फैक्ट्री, दुकान, कोचिंग सेंटर, स्टार्टअप खोलकर दूसरों को रोजगार दिया है। इसके अलावा एग्री-इनिशिएटिव, डिजिटल सर्विस, टूरिज्म, फिटनेस और हेल्थ जैसे क्षेत्रों में युवाओं ने नई पहल की है। योग और फिटनेस पर भी युवाओं का विशेष फोकस है। वे मानसिक स्वास्थ्य, परीक्षा तनाव, बेरोजगारी जैसी समस्याओं का समाधान साझा कर समाज में जागरूकता और प्रेरणा फैलाने का काम कर रहे हैं।
ये युवा स्वामी विवेकानंद के आत्मविश्वास और साहस को अपने जीवन में उतार रहे हैं। समाज के लिए उनका समर्पण और नई राह दिखाना युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। स्वावलंबन, सेवा और निस्वार्थ योगदान के माध्यम से ये युवा समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। हम ऐसे युवानों की कहानी रख रहे हैं जो वाकई में सामाज में बदलाव के लिए काम कर रहे हैं...।
शांतिनगर निवासी युवा हनी माखीजा ने लंदन ऑफ स्कूल में पढ़ाई करने के बाद वहां कुछ वर्षों तक नौकरी की। 1 मिलियन पाउंड का पैकेज छोडकऱ देश पहुंचे और यहां पर बिजनेस में हाथ बटाने का काम करने के साथ खुद का बेहतर साफ्टवेयर किया है, जिसकी पूछपरख लंदन तक है। माखीजा क्वांटम एआई आधारित अकाउंटिंग साफ्टवेयर तैयार करते हैं। इस काम में 40 युवाओं को रोजगार दिया है, जो लोके साथ लंदन के हैं। इस साफ्टवेयर की खासियत यह है कि एई के अनुसार काम करता है। इसमें एक उद्योग व फैक्ट्री से जुड़ी हर जानकारी होती है। इन्वेसटर्स को ऑटोमेटिक मार्केट की जानकारी देता है। कब कौन सी डील करनी है, रिकवरी क्या है, पार्टी को ऑटोमेटिक मैसेज व कॉल आदि करता है, जिसकी खासी पूछपरख है।
एनकेजे निवासी बेटी सिद्धी कौरव ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता अर्जित कर शहर और जिले का नाम रोशन किया है। 8 नवंबर को घोषित परीक्षा परिणाम में सिद्धी का चयन जनपद पंचायत सीईओ के पद पर हुआ है। उन्होंने इस परीक्षा में प्रथम रैंक प्राप्त कर एक नई मिसाल कायम की है। 27 वर्षीय सिद्धी कौरव पिता भगवानदास कौरव का नाम डिप्टी कलेक्टर पद के लिए भी चौथी वेटिंग सूची में शामिल है, जो उनकी प्रतिभा और परिश्रम को दर्शाता है। सिद्धी कौरव की बहन साक्षी कौरव का चयन भी विगत वर्ष असिस्टेंट ट्रेजरी ऑफिसर पद पर हुआ था। वर्तमान में दोनों बहनें सचिवालय में सेवाएं दे रही हैं। सिद्धी ने कहा, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर की जाए, तो कोई भी काम कठिन नहीं होता। उनकी सफलता आज के युवाओं के लिए एक सशक्त प्रेरणास्रोत बन गई है।
ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र के ग्राम दशरमन में एक गरीब मजदूर के घर जन्मी आंखों से दिव्यांग बेटी सुदामा चक्रवर्ती ने अपने हौसले, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर न केवल अपनी अलग पहचान बनाई, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। कभी परिस्थितियों के कारण जिसे परिवार के लिए बोझ समझा गया, वही सुदामा आज दिव्यांगजनों और युवाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन चुकी हैं। 21 एवं 22 दिसंबर को राजस्थान के श्रीगंगानगर में आयोजित नेशनल जूडो चैंपियनशिप 2025 में सुदामा चक्रवर्ती ने नॉन ओलंपिक एवं सीनियर कैटेगरी में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीतकर जिले को गौरवान्वित किया। इससे पूर्व भी वह ब्लाइंड जूडो एवं कराटे प्रतियोगिताओं में गोल्ड और सिल्वर मेडल हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। सुदामा बेटियों को स्कूलों एवं छात्रावासों में छात्राओं को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दे रही हैं। साथ ही ग्रामीण अंचलों में छात्र-छात्राओं को आत्म सुरक्षा के गुर सिखाकर समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही हैं। उनका यह समर्पण उन्हें केवल एक सफल खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि एक सामाजिक मार्गदर्शक के रूप में भी स्थापित करता है।
राजीव गांधी वार्ड क्रमांक 14 सिंघई का बगीचा निवासी अमिता श्रीवास (30) ने समाज में सेवा और बहादुरी की ऐसी मिसाल कायम की है जो युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। एम.कॉम और आईटीआई की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने नौकरी या अन्य क्षेत्र चुनने के बजाय जीव-जंतुओं की सेवा और समाजसेवा को जीवन का लक्ष्य बनाया। साल 2019 से अमिता ने मूक मवेशियों, पक्षियों और घायल जानवरों की सेवा शुरू की। धीरे-धीरे उनका कार्यक्षेत्र बढ़ा और अब वे न केवल गायों और श्वानों का उपचार करती हैं बल्कि जहरीले सांपों, गोह और अन्य खतरनाक जीवों का रेस्क्यू भी करती हैं। अब तक उन्होंने 460 सांपों का रेस्क्यू कर लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अमिता अब तक 29 हजार गायों और बछड़ों की सेवा कर चुकी हैं। इसके अलावा सैकड़ों घायल श्वान, बिल्ली, पक्षी, बंदर और गिलहरी का उपचार कर उन्हें नई जिंदगी दी है। गौशाला बनाकर मवेशियों की सेवा कर रही हैं। अमिता के काम में जोखिम भी जुड़ा हुआ है। कोबरा और अन्य जहरीले सांपों के साथ उनका रोज का सामना होता है। फिर भी वे निर्भय होकर रेस्क्यू करती हैं और सांपों को सुरक्षित जंगल में छोड़ देती हैं। उनके इस साहस से न केवल लोगों की जान बच रही है बल्कि सर्पों का जीवन भी सुरक्षित है।
युवाओं की सोच अब बदल रही है। कई अब पढ़ाई लिखाई करने के बाद वे नौकरी की तलाश की बजाय मालिक बनने की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। स्वरोजगार स्थापित कर रहे हैं, जिससे वे स्वयं आर्थिक सशक्त हो रहे हैं और कई लोगों को रोजगार दे रहे हैं। हम बात कर रहे हैं निखिल बहरानी (32) निवासी मित्तल इन्क्वेल निवासी की। स्नातक की पढ़ाई करने के बाद अमकुही औद्योगिक क्षेत्र में खाने-पीने की सामग्री की कारखाना तैयार किया। खास बात तो यह है कि युवा ने कारखाना लगाकर दर्जनों लोगों को रोजगार से जोड़ा है।
कटनी ब्लड डोनर्स एंड वेलफेयर सोसायटी के प्रमुख व युवा बिजनेसमैन टीनू सचदेवा जो खुद का कारोबार करते हुए कई युवाओं को रोजगार से जोड़ा है तो वहीं समाजसेवा के क्षेत्र में ऐसी पहचान बनाई है जो समाज व युवाओं के लिए अनुकरणीय है। कई वर्षों से ग्रुप बनाकर जिले के डेढ़ सौ से अधिक थैलेसीमियां व सिकलसेल के मरीजों को निरंतर रक्तदान कर रहे है। इसके अलावा मवेशियों के लिए हर साल पानी की सीमेंटेड टंकियों की व्यवस्था, जरुरतमंद बच्चों की मदद, जरुतमंद लोगों के लिए हमेशा कपड़े, खाद्य सामग्री आदि की व्यवस्था करना आदत में शुमार है। सेवाभावना युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी है।
नई बस्ती निवासी विनी गलानी जो योग के माध्यम से युवानों सहित महिला व पुरुषों में फिटनेस का मंत्र फूंक रही हैं। योग के फायदे बता रही हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग हर व्यक्ति के लिए नितांत आवश्यक है। विनी नियमित रूप से लोगों को शारीरिक, मानसिक व आत्मिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का काम कर रही हैं। मानसिक शांति, संतुलन, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, आध्यात्मिक विकास का मंत्र फूंक रही हैं। लोगों को बता रही हैं कि वे कैसे योग करके अपने आप को स्वस्थ रखने के लिए आत्म नियंत्रण के लिए धैर्य का विकास कर सकते हैं।
Published on:
12 Jan 2026 08:37 am

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