कटनी

डीइओ सहित अफसरों ने की स्कूलों में औचक जांच तो खुली पोल

जिला शिक्षा अधिकारी ने पांच स्कूलों का किया निरीक्षण, कहीं गायब मिल रहे मास्साब तो कहीं नहीं मिल रही डायरी, उपस्थिति भी है कम
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Jul 20, 2025
arbitrariness going on in schools
arbitrariness going on in schools

कटनी. शैक्षणिक सत्र शुरू हुए एक माह से अधिक का वक्त बीत गया है, लेकिन सरकारी स्कूलों में अभी भी बेपरवाही जारी है। शिक्षक जहां बच्चों की उपस्थिति शत-प्रतिशत नहीं कर पा रहे हैं तो वहीं शिक्षकों के गायब रहने का सिलसिला भी बदस्तूर जारी है। जिला शिक्षा अधिकारी पीपी सिंह ने पांच स्कूलों का औचक निरीक्षण किया है। इसके अलावा एडीपीसी अभय जैन, सहायक संचालक राजेश अग्रहरि आदि की टीम ने भी स्कूलों की नब्ज टटोली है। बता दें कि कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने एवं शासन की योजनाओं के व्यवस्थित संचालन के लिए सतत निरीक्षण के सख्त निर्देश दिए हैं। बता दें कि स्कूलों में समस्याओं को लेकर पत्रिका ने खुलासा किए हैं, जिसके बाद अधिकारी सक्रिय हुए हैं। जांच में खामियां सामने आ रही हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी पीपी सिंह ने जिले शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बचैया, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुरवारी, शासकीय हाई स्कूल पिंडरई, शासकीय उत्कृष्ट उमा विद्यालय माधवनगर, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एनकेजे का निरीक्षण किया। इस दौरान विकासखंड शिक्षा अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान स्कूलों में कक्षाओं का संचालन देखा गया। साथ ही नामांकन, मैपिंग, पुस्तक वितरण, साइकिल वितरण, अन्य शासकीय योजनाओं का व्यवस्थित क्रियान्वयन काने कहा गया। स्कूलों में जाति एवं आधार का कैंप भी लगाया गया है। निरीक्षण के दौरान शिक्षक डायरी बनाने के निर्देश दिए गए।

यहां शिक्षक मिले गैरहाजिर

एडीपीसी अभय जैन व सहायक संचालक राजेश अग्रहरि ने इपीएस हाइस्कूल करहिया का निरीक्षण किया जहां पर पाया कि कक्षा वीं में 55 में से 18 व कक्षा 10वीं में 20 बच्चों में से सिर्फ एक बच्चा मिला। वहीं एक शिक्षक नदारद रहे। विद्यालय में सभी कक्ष गंदे मिले। मरम्मत की राशि जारी करने के बाद भी छत से पानी टपक रहा है। कक्षा 10वीं के बच्चे का अध्यापन भी नहीं पाया गया। प्राथमिक माध्यमिक में 75 बच्चों में से सिर्फ 19 बच्चे ही मिले। शिक्षकों द्वारा दैनंदनी भी नहीं बनाई गई। आइसीटी कक्ष नहीं बनाया गया। शिक्षकों व स्टॉन ने जून माह में कोई कार्य नहीं किया। नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों का लेखा तैयार नहीं किया गया। लाइट, पंखे, पेयजल, प्रसाधन के लिए मिली राशि का उपयाग नहीं किया गया।

यहां भी मिलीं खामियां

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कन्या उमा विद्यालय बरही की भी जांच की। जांच में पाया कि 2 में से एक शिक्षिका भारती मिश्रा अनुपस्थित रहीं। कक्षा 9 से लेकर 12 तक 813 छात्राएं दर्ज हैं, लेकिन जिसमें से सिर्फ 512 हीं उपस्थित मिलीं। यहां पर कक्षा 12वीं में रसायन शास्त्र विषय का अध्ययन नहीं मिला। बोर्ड परीक्षा परिणाम औसत से कम रहा है। इसी प्रकार हाइस्कूल घंघरीकला, खड़ोला, हाइस्कूल मझगवां फाटक, हाइस्कूल बुजबुजा, सीएम राइज बरही, पीएमश्री बुजबुला आदि के निरीक्षण में भी खामियां मिलीं।

Published on:
20 Jul 2025 09:05 pm