कटनी

धर्मकर्म: जयकारों से गूंजा शहर, पंडाल में वेदमंत्रों की स्वरलहरियां, वीडियों में देखें अद्भुत नजारा

Bhagwat shobhayatra katni

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Dec 16, 2024
Bhagwat shobhayatra katni

भव्य कलश व शोभायात्रा के साथ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत पुराण व श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का हुआ शुभारंभ, झांकियां व शैला नृत्य रहा आकर्षण का केंद्र, कथा व्यास युवराज स्वामी ने सुनाई प्रथम दिवस भागवत महात्म्य की कथा
भागवत कथा की निकली शोभायात्रा

कटनी. एक जैसी रंग-विरंगे परिणान के साथ सिर पर कलश धारण किए चल रहीं महिलाएं, लग रहे गगनभेदी जयकारे, भजत गाते चल रहीं मंडलियां, सुंदर रथ पर विराजमान कथा व्यास युवराज स्वामी बद्री प्रपन्नाचार्य महाराज व हनुमत कुटी के संत सुरेंद्रदास महाराज, जीवंत झांकियों के बीच भजनों की गूंज…। यह नजारा था रविार को शहर का। अवसर था शिवनगर में आयोजित होने वाले सात दिवसीय विशाल श्रीलक्ष्मी-नारायण महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा का। स्टेशन स्थित मंदिर से सुरेंद्र दास महाराज के सानिध्य में भव्य विशाल कलश शोभायात्रा प्रारंभ हुई। यह शोभायात्रा स्टेशन रोड, आजाद चौक, चांडक चौक होते हुए आयोजन स्थल पर समाप्त हुई। इस दौरान वेद पाठी ब्राह्मणों द्वारा देव पूजन कराकर यज्ञ शुरू कराया गया। वेदमंत्रों की स्वरलहरियों से पंडाल गूंज उठा। शोभायात्रा में जीवंत झांकी, शौला नृत्य, भजन मंडली आकर्षण का केंद्र रहीं। बता दें कि उक्त कथा चित्रकूट धाम के प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य आश्रम नयागांव चित्रकूट धाम के राजगुरू पीठाधीश्वर बद्री प्रपन्नाचार्य हैं। जिनके द्वारा भागवत कथा सुनाई जा रही है। पहले दिन भागवत के महात्म्य की कथा सुनाई गई। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

आत्मा के परमात्मा से मिलन का मार्ग
श्रीमद्भागवत कथा के क्रम में कथा व्यास युवराज स्वामी बद्री प्रपन्नाचार्य महाराज ने भागवत पुराण के महात्म्य की कथा सुनाई। भागवत पुराण को वेदों का सार बताते हुए कहा, श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि यह जीवन जीने की कला और आत्मा के परमात्मा से मिलन का मार्ग है। इसके अध्ययन और श्रवण से मानव जन्म का उद्धार संभव है। भागवत महात्म्य में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का महत्व बताया गया है। कथा सुनाने के दौरान उन्होंने भक्ति को साधन और मोक्ष का माध्यम बताते हुए भक्तों को इसके महत्व को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि कैसे श्रीमद्भागवत के श्रवण से पापी से पाप मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने भक्तों को यह भी संदेश दिया कि मानव जीवन में सबसे बड़ा पुण्य भगवान के नाम का स्मरण और उनकी कथा का श्रवण है। श्री बजरंग बाल रामायण समाज के नरेंद्र गुप्ता ने बताया कि सोमवार को राजा पारीक्षित जन्म स शुकदेव आगमन की कथा सुनाई जाएगी।

शोभायात्रा में उमड़ा सैलाब
शहर में निकली विशाल शोभायात्रा में आस्था का सैलाब उमड़ा। इस दौरान लोगों को हनुमतकुटी धाम के संत सुरेंद्रदास महाराज के भी आशीर्वचन प्राप्त हुए। सोमवार को श्रीरामचंद्र कृपालु भजमन, हनुमान चालीसा का भी आयोजन होगा। सुबह 8 बजे से 11 बजे तक लक्ष्मीनारायण यज्ञ, पारायण व दोपहर 2 बजे से प्रवचन होंगे। भागवत कथा के आयोजन में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

Published on:
16 Dec 2024 11:51 am
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