कटनी

कटनी कलेक्टर कोर्ट का बड़ा फैसला, विस्टा सेल्स पर 27.44 करोड़ का जुर्माना लगाया

Vista Sales Fine: पोर्टल पर 1.46 लाख घन मीटर रेत का स्टॉक दर्ज था, मौके पर सिर्फ 100 घन मीटर मिली; 1,46,362 घन मीटर के अंतर को स्पष्ट नहीं कर सकी फर्म।
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Sep 05, 2026
katni collector ashish tiwari
collector court vista sales penalty sand stock irregularities, कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी (Source- katni collector facebook page)

Katni Vista Sales Penalty: मध्यप्रदेश के कटनी जिले में रेत के भंडारण और परिवहन में सामने आई बड़ी अनियमितता पर कलेक्टर न्यायालय ने अब तक की बड़ी कार्रवाईयों में से एक करते हुए मेसर्स विस्टा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड पर 27 करोड़ 44 लाख 29 हजार 650 रुपए का जुर्माना किया है। विजयराघवगढ़ तहसील के पुरैनी स्थित रेत भंडारण स्थल के भौतिक सत्यापन में पोर्टल पर दर्ज स्टॉक और मौके पर उपलब्ध रेत के बीच भारी अंतर सामने आया था। फर्म इस अंतर के संबंध में वैध परिवहन अथवा विक्रय के संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकी।

ऐसे पकड़ाई अनियमितता

मामला ग्राम पुरैनी में खसरा क्रमांक 43/1, 43/2 और 43/3 में संचालित खनिज व्यापारिक अनुज्ञप्ति स्थल का है। यहां कुल 1.320 हेक्टेयर क्षेत्र में रेत का भंडारण किया जा रहा था। 30 सितंबर 2023 की रात 12 बजे सेंड पोर्टल पर दर्ज शेष स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया गया। निरीक्षण दल जब मौके पर पहुंचा तो भंडारण स्थल पर करीब 100 घन मीटर रेत ही उपलब्ध मिली। वहीं सेंड पोर्टल पर 1,46,462 घन मीटर रेत का स्टॉक दर्ज था। दोनों के बीच 1,46,362 घन मीटर का अंतर पाया गया। यानी रिकॉर्ड में जितनी बड़ी मात्रा दिखाई जा रही थी, उसका अधिकांश हिस्सा मौके पर मौजूद ही नहीं था।

इतनी रेत गई कहां, नहीं मिले वैध दस्तावेज

स्टॉक में इतने बड़े अंतर के बाद फर्म से रेत के विक्रय और परिवहन से संबंधित दस्तावेज मांगे गए। विशेष रूप से यह स्पष्ट करने के लिए कहा गया कि भंडारण स्थल से इतनी बड़ी मात्रा में रेत किस प्रक्रिया के तहत बाहर गई। इसके लिए अभिवहन पास सहित आवश्यक वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत करना था। फर्म की ओर से अपने पक्ष में विभिन्न तर्क दिए गए और जांच की तकनीकी व प्रक्रियात्मक त्रुटियों का भी उल्लेख किया गया। हालांकि कलेक्टर न्यायालय ने माना कि इन तर्कों से 1,46,362 घन मीटर के स्टॉक अंतर का संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलता। न्यायालय ने यह भी माना कि यदि रेत का वैध विक्रय या परिवहन हुआ था तो उसके समर्थन में परिवहन दस्तावेज, अभिलेख और अन्य वैधानिक प्रमाण प्रस्तुत किए जाने चाहिए थे। फर्म इनका पर्याप्त प्रमाण देने में असफल रही।

बिना अभिवहन पास रेत भेजने की संभावना

संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म मध्यप्रदेश के 3 जनवरी 2024 के पत्र में भी ऐसी स्थिति को गंभीर माना गया है। इसमें कहा गया है कि यदि सेंड पोर्टल पर रेत का स्टॉक उपलब्ध दर्शाया जा रहा है, लेकिन स्वीकृत भंडारण स्थल पर रेत उपलब्ध नहीं है अथवा दर्ज मात्रा से कम पाई जाती है, तो भंडारण स्थल से रेत के बिना अभिवहन पास के प्रेषण की संभावना मानी जा सकती है। इसी आधार पर प्रकरण में उपलब्ध विभागीय प्रतिवेदन, स्थल निरीक्षण पंचनामा, शासन साक्षी के कथन, प्रतिपरीक्षण और दस्तावेजी साक्ष्यों का कलेक्टर न्यायालय ने परीक्षण किया।

1.83 करोड़ की रॉयल्टी, 15 गुना लगा जुर्माना

जांच में स्थापित 1,46,362 घन मीटर रेत के अंतर पर निर्धारित रॉयल्टी राशि 1 करोड़ 83 लाख 95 हजार 310 रुपए आंकी गई। मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के नियम 19 के तहत रॉयल्टी की 15 गुना राशि शास्ति के रूप में निर्धारित की गई। इस गणना के आधार पर कुल 27 करोड़ 44 लाख 29 हजार 650 रुपए का जुर्माना लगाया गा है। कलेक्टर न्यायालय ने मेसर्स विस्टा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड आनंद बिहार कॉलोनी कटनी को यह राशि जमा कराने के निर्देश दिए हैं।

Updated on:
05 Sept 2026 08:25 pm
Published on:
05 Sept 2026 08:25 pm